पटवारी भर्ती 2017: उम्मीदवारों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, की ये मांग

उम्मीदवारों ने पटवारी पद के लिए रिक्त सीटों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya pradesh) में पटवारी भर्ती 2017 (Patwari Recruitment 2017) मामला एक बार फिर से गरमा गया है। उम्मीदवारों ने इसके विरुद्ध मोर्चा निकाल लिया है। उम्मीदवारों का कहना है कि प्रोफेशनल एग्जाम बोर्ड (Professional exam board) द्वारा 9 दिसंबर 2017 को 9235 पदों के लिए परीक्षा ली गई थी। जिसके ढाई साल से अधिक समय के बाद भी सभी पदों पर भर्तियां नहीं की गई है। साथ उम्मीदवारों ने मांग की है कि प्रदेश भर में पटवारी भर्ती के लिए जितनी भी सीटें खाली है। उसकी जानकारी राज्य स्तर पर सार्वजनिक की जाए।

दरअसल मध्यप्रदेश में पटवारी भर्ती 2017 के लिए पीईबी (PEB) द्वारा 9235 पदों पर 9 दिसंबर 2017 को परीक्षा आयोजित की गई थी। जिस का रिजल्ट 26 मार्च 2018 को घोषित कर दिया गया था। तब से अब तक 2.5 साल से अधिक का समय बीत गया है लेकिन पटवारी पदों पर भर्तियां (Recruitment) नहीं की गई है।

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ज्ञात हो कि राजधानी भोपाल (Bhopal) में पटवारी भर्ती क्षेत्र के लिए 178 पदों पर भर्ती निकली थी। जिसके बाद पहली काउंसिलिंग में 153 उम्मीदवार कचरे में शामिल हुए थे जबकि 25 अनुपस्थित रहे थे। वहीं दूसरी और तीसरी काउंसलिंग भी हुई लेकिन चौथी और पांचवी काउंसलिंग आयोजित नहीं की गई और भोपाल में 21 पद खाली रह गए। उम्मीदवारों का कहना था की वेटिंग सीट पर काउंसलिंग की जानी चाहिए थी। जबकि राजधानी भोपाल में पदों को सार्वजनिक नहीं किया गया और ना ही इसपर भर्ती निकाली गई।

दूसरी तरफ उम्मीदवारों ने आरटीआई (RTI) से मंगाई जानकारी के मुताबिक बताया कि प्रदेश के सभी जिले में करीबन 1100 से अधिक पद पटवारी के लिए खाली है। वही उम्मीदवारों का आरोप है कि भर्ती परीक्षा में रिक्त पद की नियुक्ति पर नियम राजपत्र का भी पालन नहीं किया गया है। इस मामले में भू-अभिलेख आयुक्त का कहना है कि भोपाल में पद की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसलिए इन पदों को रीवा (Rewa) सहित प्रदेश के अन्य जिले में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि सिर्फ 200 पद ही खाली हैं और इनमें उम्मीदवारों की है। जो काउंसिलिंग में वक्त पर उपस्थित नहीं है।

उम्मीदवारों का कहना है कि प्रदेश भर में 1100 से अधिक पद खाली है और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के विभिन्न मंत्रियों एवं सांसदों को ज्ञापन सौंपा लेकिन इस पर भर्ती की कोई बात नहीं की जा रही है। उम्मीदवारों ने पटवारी पद के लिए रिक्त सीटों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।