दूसरी लहर का पीक आना बाकी, देश में पूर्ण लॉकडाउन की मांग, मोदी सरकार आज लेगी फैसला!

कोरोना टास्क फोर्स के सदस्यों में कई AIIMS और ICMR जैसे संस्थान में शामिल है। टास्क फोर्स के सदस्यों ने अपने लिखे पत्र में कहा है कि वायरस के प्रसार को इंसानों में फैलने से रोकना होगा।

Lockdown

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। देशभर में कोरोना (corona) के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कोविड टास्क फोर्स (covid task force) ने एक बार फिर केंद्र सरकार (central government) को पत्र लिखा है। इतना ही नहीं टास्क फोर्स के सदस्य द्वारा खत में देश में कोरोना संक्रमण और इससे बढ़ते मरीजों को लेकर चिंता जताई गई है। इसके साथ ही टास्क फोर्स के सदस्यों द्वारा बढ़ते संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए सख्त लॉकडाउन (lockdown) की मांग की गई है।

बता दे कि कोरोना टास्क फोर्स के सदस्यों में कई AIIMS और ICMR जैसे संस्थान में शामिल है। टास्क फोर्स के सदस्यों ने अपने लिखे पत्र में कहा है कि वायरस के प्रसार को इंसानों में फैलने से रोकना होगा। इसके लिए पूरे देश में कंप्लीट लॉकडाउन लगाया जाना चाहिए। ऐसा करने से एक तरफ जहां संक्रमण की रफ्तार कम होगी। वही संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने का आंकड़ा तेजी से बढ़ेगा।

इतना ही नहीं टास्क फोर्स के सदस्य द्वारा कहा गया कि केवल 2 सप्ताह के लिए ही कंप्लीट लॉकडाउन लगाए जाने से कोरोना के केस में कमी आएगी। साथ मृत्यु दर और संक्रमण के रेट में भारी गिरावट देखने को मिलेगी। वहीं कोरोना के चेन को भी ब्रेक किया जा सकेगा।

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वहीं अब कोविड टास्क फोर्स के सदस्यों द्वारा कंप्लीट लॉकडाउन की मांग के बाद केंद्र सरकार द्वारा सोमवार को इस मुद्दे पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। बता दें कि इस मामले में आईसीएमआर का तर्क है कि कोविड की दूसरी लहर का पिक आना भी बाकी हैहै ऐसी स्थिति में संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए देश भर में 2 हफ्ते का पूर्ण लॉकडाउन लगाना जरूरी है। बता दें कि ब्रेक द चैन रूल के तहत अभी दिल्ली राजस्थान हरियाणा उड़ीसा में कंप्लीट लॉकडाउन लगाया गया हैहै वहीं महाराष्ट्र, पंजाब सहित मध्यप्रदेश में मिनी लॉकडाउन और आंशिक लॉकडाउन की घोषणा की गई है।

इतना ही नहीं इससे पहले एम्स के डायरेक्टर संदीप गुलेरिया द्वारा पहले ही लॉकडाउन लगाने की सिफारिश की जा चुकी है। वहीं कोविड के लगातार बढ़ रहे मामले चिंता का विषय बने हुए हैं। इस बार पहले लहर के मुकाबले मृत्यु दर में तेजी से वृद्धि देखी गई है। जिसके बाद अब देश भर में न्यूनतम 2 सप्ताह के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगाने की मांग की जा रही है।