JAH पहुंचे प्रद्युम्न सिंह तोमर को दिखी गंदगी, कचरा डालने के लिए ढूंढते रहे डस्टबिन

उन्होंने डस्टबिन के लिए आवाज लगाई जब कहीं डस्टबिन दिखाई नहीं दिया तो वे वार्ड में अंदर गए और वहां रखे सफाई के बड़े डस्टबिन में कचरा डाला। 

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर चम्बल अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य अस्पताल समूह (JAH)  अस्पतालों की सफाई व्यवस्था को लेकर शिवराज सरकार के मंत्री, ग्वालियर जिले के विधायक से लेकर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कई बार निर्देश दे चुके हैं, फटकार लगा चुके हैं लेकिन सफाई व्यवस्था सुधर नहीं रही है। रविवार  को जब ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyuman Singh Tomar) अचानक ट्रॉमा सेंटर (Trauma Center) पर निरीक्षण के लिए गये तो उन्हें  वहां वार्ड में गंदगी दिखाई दी। आदत के मुताबिक उन्होंने अपने हाथों से कचरा उठाया लेकिन उन्हें डस्टबिन दिखाई नहीं दिया। उन्होंने ट्रॉमा सेंटर (Trauma Center) इंचार्ज और अस्पताल अधीक्षक से इसके लिए नाराजी जताई और व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।

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मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyuman Singh Tomar) आज रविवार को भोपाल से ग्वालियर पहुंचे। वे रेलवे स्टेशन से सीधे जयारोग्य अस्पताल (JAH) के ट्रॉमा सेंटर (Trauma Center) पहुंचे। उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। ट्रॉमा सेंटर (Trauma Center) में जगह जगह गंदगी और कचरा दिखाई दिया। आदत के मुताबिक ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyuman Singh Tomar) खुद सफाई करने लगे, उन्होंने अपने हाथ से यहाँ वहां पड़े चाय के खाली कप, नमकीन, बिस्कुट आदि के पाउच उठाये,पॉलीथिन आदि उठाये हुए और उसे डालने के लिए डस्टबिन तलाशने लगे। उन्होंने डस्टबिन के लिए आवाज लगाई जब कहीं डस्टबिन दिखाई नहीं दिया तो वे वार्ड में अंदर गए और वहां रखे सफाई के बड़े डस्टबिन में कचरा डाला।

खास बात ये है कि जब ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyuman Singh Tomar) वार्ड में गए तो उन्हें जमीन पर मेडिकल वेस्ट यानि ग्लूकोज की खाली बोतल खुले में मरीजों के बीच वार्ड में पड़ी दिखाई दी। उन्होंने इसपर नाराजगी जताई और वहां मौजूद डॉक्टर्स और स्टाफ से वार्ड बॉय के बारे में सवाल किये। जब संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अस्पताल अधीक्षक डॉ आरकेएस धाकड़ को वही से फोन पर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।