Ratlam News: कांग्रेस के दिग्गजों की मौजूदगी नहीं प्रभावित कर पाई किसानों को

रतलाम, सुशील खरे। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh), पूर्व प्रदेश प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव (Arun Yadav), युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विक्रांत भूरिया (Vikrant Bhuriya) उनके पिता पूर्व कैबिनेट मंत्री कांतिलाल भूरिया (Kantilal Bhuriya) और दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आन्दोलन के नेता गुरुनाम सिंह चढूनी (Gurunam Singh Chaduni) जैसे दिग्गज नेताओं की मौजूदगी भी किसान पंचायत में स्थानीय किसानों को आकर्षित नहीं कर पाई। डेलनपुर में कांग्रेस (Congress) द्वारा आयोजित की गई किसान महापंचायत में किसानों की संख्या बेहद कम रही और सभास्थल का पण्डाल भी पूरी तरह भर नहीं पाया। चर्चा हो रही थी कि इससे पहले जब भी कांग्रेस ने रतलाम में कोई आयोजन किया उस जगह पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती थी।

डेलनपुर में कांग्रेस ने किसान महापंचायत का आयोजन तो किया था, लेकिन सभास्थल पर कांग्रेस के झंडे बैनर आदि से पूरी तरह परहेज रखा गया था। कांग्रेस के नेताओं ने मंच से भी दूरी बनाकर रखी और भाषण भी नहीं दिए। कांग्रेस की ओर से केवल पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने किसान नेता होने के नाते किसान पंचायत को सम्बोधित किया। जबकि दिग्विजय सिंह और कांतिलाल भूरिया श्रोताओं के बीच बैठे रहे। कांग्रेस की किसान महापंचायत में हिस्सा लेने दिल्ली बार्डर पर आन्दोलन कर रहे किसानों की 40 सदस्यीय संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्य गुरुनाम सिंह चढूनी और कुछ कम्युनिस्ट नेता विशेष रुप से रतलाम पंहुचे थे।

किसान महा पंचायत को सम्बोधित करते हुए गुरुनाम सिंह चढूनी (Gurunam Singh Chaduni) ने किसान कानूनों को पूरे देश को बर्बाद करने वाला कानून बताते हुए इसके विरुद्ध संघर्ष में समाज के हर वर्ग को जोडने का आव्हान किया। श्री चढूनी ने अम्बानी, अडानी के साथ साथ बाबा रामदेव को भी नया कारपोरेट बताते हुए इन तीनों की कम्पनियों के सामानों का बहिष्कार करने की अपील की। इतना ही नहीं गैर राजनैतिक कही जा रही किसान पंचायत में श्री चढूनी ने भाजपा को कोसते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी कई कटाक्ष किए।

इससे पहले कांग्रेस नेता अरुण यादव ने भारत कृषक समाज की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष के नाते पंचायत को सम्बोधित किया। श्री यादव ने जहां तीनों किसान कानूनों को किसान विरोधी बताया, वहीं उन्होने कहा इन कानूनों के जरिये किसानों की जमीन छीन कर अडानी, अम्बानी को देने का षडयंत्र किया जा रहा है। कृषि सुधारों के लिए गठित स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों का जिक्र करते समय श्री यादव स्वामीनाथन को वैद्यनाथन कमेटी बोलते रहे। किसान पंचायत को कई अन्य किसानों तथा अन्यान्य स्थानों से आए कम्युनिस्ट  नेताओं ने भी सम्बोधित किया।

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किसान पंचायत के लिए एक ट्रेक्टर ट्राली को मंच बनाया गया था और इस ट्रेक्टर ट्राली पर प्रतीकात्मक रुप से हल भी रखा गया था। मंच पर किसी भी वक्ता के बैठने की व्यवस्था नहीं थी। सारे वक्ता श्रोताओं के बीच ही बैठे थे और अपनी बारी आने पर ट्राली पर चढकर भाषण दे रहे थे। सभा के लिए बनाए गए पण्डाल के दोनों ओर कुछ बैलगाडियां और ट्रेक्टर भी खडे किए गए थे।

कार्यक्रम का संचालन कांग्रेस नेता धाकड ने किया। किसान पंचायत में आलोट विधायक मनोज चावला, सैलाना विधायक हर्षविजय गेहलोत, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश भरावा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेन्द्र कटारिया, सहकारी बैंक के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी समेत अनेक कांग्रेस नेता मौजूद थे। आलोट विधायक मनोज चावला अपने साथ साफा बान्धे कई समर्थकों को लेकर सभा स्थल पर पंहुचे थे। दूसरी ओर सैलाना विधायक हर्षविजय गेहलोत द्वारा किसान पंचायत के लिए अपने समर्थकों की संख्या नहीं जुटाना चर्चा का विषय बना रहा। किसान पंचायत के आयोजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए भारी बन्दोबस्त किए थे।