लॉकडाउन में खोला स्कूल, क्लास में बैठे बच्चे, प्रिंसिपल दे रहे सफाई, कलेक्टर ने मांगी रिपोर्ट

इस समय बोर्ड को प्रेक्टिकल एक्जाम चल रहे थे जिनकी जानकारी बच्चों को पहले सी ही थी लेकिन अब चूँकि प्रेक्टिकल एक्जाम स्थगित कर दिए गए, लेकिन कुछ बच्चों को हम सूचित नहीं कर पाए वो बच्चे स्कूल आ गए थे।

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) के निर्देश पर मध्यप्रदेश में 60 घंटे का लॉकडाउन (Lockdown) प्रभावी है।  इस दौरान सभी तरह की व्यावसायिक गतिविधियां और शैक्षिणक संस्थान बंद करने के निर्देश है। लेकिन ग्वालियर में एक शिक्षण संस्था ऐसी भी है जिसने ना सिर्फ लॉकडाउन (Lockdown) तोड़ा बल्कि शासन प्रशासन के निर्देशों की भी अवहेलना की।  मामला उजागर होने के बाद स्कूल के प्रिंसिपल अब सफाई दे रहे हैं। लेकिन पूरे मामले पर एक्शन लेते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।

ग्वालियर (Gwalior) की पॉश कॉलोनी लक्ष्मीबाई कॉलोनी में स्थित 100 साल पुराने शहर के प्रतिष्ठित स्कूल मिसहिल हायर सेकेंडरी स्कूल (Miss Hills Higher Secondary School) प्रबंधन ने शनिवार को लॉकडाउन (Lockdown) का खुला उल्लंघन किया।  मध्यप्रदेश सरकार और जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर ग्वालियर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देश के तहत लॉकडाउन (Lockdown) में कोई भी शैक्षिणक गतिविधि संचालित नहीं होगी बावजूद उसके स्कूल में बच्चे पहुंचे। करीब 12 से अधिक बच्चे स्कूल पहुंचे ये क्लास रूम में भी बैठे।

लॉकडाउन में खोला स्कूल, क्लास में बैठे बच्चे, प्रिंसिपल दे रहे सफाई, कलेक्टर ने मांगी रिपोर्ट लॉकडाउन में खोला स्कूल, क्लास में बैठे बच्चे, प्रिंसिपल दे रहे सफाई, कलेक्टर ने मांगी रिपोर्ट

मिसहिल स्कूल खुला होने और वहां बच्चों के पहुँचने की सूचना  मीडिया और जिला शिक्षा अधिकारी तक पहुंची ।  मामला उजागर होने के बाद बच्चों को आनन फानन में लौटा दिया गया। क्लास रूम में बैठे 12 वीं के बच्चों का कहना था कि आज उनका प्रेक्टिकल एक्जाम है। उधर मामला मीडिया में हाइलाइट होने के बाद स्कूल के प्रिंसिपल एसपी सिंह का कहना है कि  इस समय बोर्ड को प्रेक्टिकल एक्जाम चल रहे थे जिनकी जानकारी बच्चों को पहले से ही थी लेकिन अब चूँकि प्रेक्टिकल एक्जाम स्थगित कर दिए गए, लेकिन कुछ बच्चों को हम सूचित नहीं कर पाए वो बच्चे स्कूल आ गए थे। DEO ऑफिस से भी फोन आया था कि क्या एक्जाम हो रहा है तो हमने इंकार कर दिया, चूँकि बच्चों के पेरेंट्स उन्हें छोड़ गए थे उनके वापस आने तक वे बैठ गए थे कहीं कोई परीक्षा नहीं हुई ना ही स्कूल खुला।

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बहरहाल इस घटना में सबसे बड़ी बात ये है कि शहर के बीचों बीच पॉश कॉलोनी में पड़ाव थाने के बिलकुल पीछे स्थित  मिसहिल हायर सेकेंडरी स्कूल (Miss Hills Higher Secondary School) के ताले लॉकडाउन में खोले ही क्यों गए? क्यों गार्ड ने गेट खोलकर बच्चों को अंदर जाने दिया? इतना ही नहीं इंसिडेंट कमांडर को सूचना के बाद भी कोई अधिकारी स्कूल नहीं पहुंचा। यदि स्कूल की जगह कोई दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान लॉक डाउन में खुला होता तो समझा जा सकता है कि क्या होता ?

उधर लॉकडाउन में मिसहिल हायर सेकेंडरी स्कूल (Miss Hills Higher Secondary School) के खुले होने और स्कूल में बच्चों के पहुंचें को कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने गंभीरता से लिया है।  उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से इस मामले की रिपोर्ट मांगी है और कहा है कि यदि जरुरत पड़ी तो स्कूल पर FIR भी होगी और उसकी मान्यता भी निरस्त की जाएगी।