अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर सख्त शिवराज सरकार, विधेयक में किए महत्वपूर्ण प्रावधान

इसके अलावा कॉलोनाइजर ने अगर मंजूरी ले-आउट का किसी भी तरह का उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। इतना ही नहीं इस मामले में 7 साल की सजा और 10 लख रुपए का जुर्माना भी तय किया गया है।

शिवराज सरकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में अवैध कॉलोनी को वैध  (Illegal colony legalized) करने के लिए विधेयक (bill) को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही अवैध कॉलोनी बनाने वालों को रोकने के लिए सख्त नियम तैयार किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश नगर पालिका विधि संशोधन विधेयक 2021 (Madhya Pradesh Municipality Law Amendment Bill 2021) में दो प्रावधान किए गए हैं।

जिसके मुताबिक यदि कॉलोनी में किसी तरह के विकास कार्य को अधूरा छोड़ा गया तो उस कॉलोनी में पड़े कॉलोनाइजर (Colonizer) के खाली प्लॉट को बंधक बनाया जाएगा और उससे मिलने वाली राशि से कॉलोनी का काम पूरा किया जाएगा। इसके अलावा कॉलोनाइजर ने अगर मंजूरी ले-आउट का किसी भी तरह का उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। इतना ही नहीं इस मामले में 7 साल की सजा और 10 लख रुपए का जुर्माना भी तय किया गया है।

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बता दें कि इससे पहले कई ऐसी जगह है। जहाँ वैद्य कॉलोनी के नाम पर कोई वैद्य कॉलोनी ही नहीं थी। ऐसी कॉलोनियों के नामांतरण प्रक्रिया पर भी रोक लग जाती थी। वही नगर निकाय को भी यहां कोई काम करवाने का वैध अधिकार नहीं होता था। इससे पहले 30 जून 1998 तक की अवैध कॉलोनी को वैध किया गया। जिसके बाद 30 जून 2002 तक के, 30 जून 2007 तक के बाद आखिरी बार दिसंबर 2016 तक के अवैध कॉलोनी को वैध करने का काम किया गया था।

अब एक बार फिर से शिवराज सरकार ने अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका विधि संशोधन विधेयक 2021 को मंजूरी दी है। इस विधेयक के लिए स्पष्ट किया गया है यदि कॉलोनी में कहीं खुली जगह ,हॉल सड़क, ओपन एरिया है। जिसका कॉलोनाइजर द्वारा किसी अन्य काम के लिए इस्तेमाल किया गया, इसे नियम के विरुद्ध माना जाएगा। इस मामले में जो कार्रवाई अवैध कॉलोनी की कॉलोनाइजर पर की जाएगी। वहीं वैध कॉलोनी के कॉलोनाइजर पर भी लागू होगी।