भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (madhya pardesh) की मेट्रो रेल परियोजना (Metro Rail Project) कार्य में लगातार हो रही देरी को देखते हुए राज्य शासन ने बड़ा एक्शन लिया है। नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह (bhupendra singh) की नाराजगी के बाद आखिरकार इंजीनियर इन चीफ जितेंद्र दुबे (jitendra dubey) को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। इस मामले में शुक्रवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आदेश जारी किए गए थे।

दरअसल  अधिकारियों के साथ हुई पिछली बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) ने मेट्रो रेल परियोजना की देरी पर नाराजगी जाहिर की थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा भी था कि जिन अधिकारी को हटाना है। हटा दो लेकिन निर्माण कार्य समय सीमा के अंदर पूरा होना चाहिए।  वहीं नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह भी रेल परियोजना के कार्य से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।

Read More: मप्र बंद का ऐलान : कांग्रेस का आधे दिन के लिए बंद आज, कमलनाथ की लोगों से यह अपील

जिसके बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आदेश जारी करते हुए जितेंद्र दुबे को उनके मूल विभाग मध्यप्रदेश हाउस एवं लॉजिस्टिक कार्पोरेशन भेज दिया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने दुबे की सेवाएं वापस खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग को सौंप दी है। उनकी जगह लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियर इन चीफ अखिलेश अग्रवाल (akhilesh agarwal) को प्रमुख अभियंता की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बता दें कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के इंजीनियर इन चीफ जितेंद्र दुबे को मेट्रो प्रोजेक्ट 2016 में सौंपी गई थी।साथ ही राज्य शासन द्वारा मेट्रो रेल का पहला फेज विधानसभा चुनाव से पहले पूर्ण करना था लेकिन कार्य की गति से यह साफ है कि काम समय सीमा के अंदर पूरा नहीं हो पाएगा। इससे पहले प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह द्वारा 4 महीने पूर्व सीएम कार्यालय से दुबे को हटाने की सिफारिश की गई थी।भूपेंद्र सिंह कई बार मेट्रो रेल परियोजना कार्य में देरी को देखते हुए प्रमुख अभियंता पर नाराजगी जाहिर कर चुके थे।

शिवराज मंत्री की नाराजगी पड़ी महंगी, पद से हटाए गए चीफ इंजीनियर, इनको सौंपी गई कमान