कमलनाथ

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में कांग्रेस हाईकमान (congress) की नीतियों पर आवाज उठाने वाले मानक अग्रवाल (manak agarwal) को पार्टी ने 6 साल के लिए निष्कासित (Expelled) कर दिया है। पार्टी के इस गतिविधि पर अब बीजेपी (BJP) हमलावर हो रही है। बीजेपी ने कांग्रेस प्रणाली पर तंज कसना शुरू कर दिया है। साथ ही साथ कांग्रेस में नेताओं की स्थिति की जमकर आलोचना की जा रही है। इसी बीच कृषि मंत्री कमल पटेल (kamal patel) ने बड़ा बयान दिया है।

दरअसल कृषि मंत्री कमल पटेल ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर साफ नजर आता है। कमलनाथ (kamalnath) कांग्रेस में अंतिम कील ठोकने का काम कर रहे हैं। इससे पहले दिग्विजय सिंह (digvijay singh) ने प्रदेश का बंटाधार करके ही रखा है। कृषि मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास अपनी खुद की विचारधारा नहीं है। किसी पर मुद्दे पर उसका मत स्पष्ट नहीं है।

वही कमल पटेल ने कहा मध्यप्रदेश कांग्रेस (MP Congress) के दोनों दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ प्रदेश को कांग्रेस मुक्त और भारत को कांग्रेस मुक्त भारत बनाने में लगे हुए हैं और इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के सपने को साकार करने की पुरजोर कोशिश में लगे हैं।

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कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कमल पटेल ने कहा एक तरफ जहां शिवराज सरकार किसानों के हित में बड़े फैसले रही है। वहीं कमलनाथ द्वारा किसानों से झूठ बोला गया। उनके कर्ज माफी नहीं की गई और आज सदन में वाकआउट करके कांग्रेस विधायक खुद के धोखेधाड़ी का प्रमाण दे रहे हैं।

ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले ही बाबूलाल चौरसिया (babulal chaurasia) के कांग्रेस ज्वाइन (congress join)  करने के बाद मानक अग्रवाल द्वारा कमलनाथ के इस फैसले पर सवाल खड़े किए गए थे। जस मानक अग्रवाल ने कहा था कि कमलनाथ को धोखे में रखकर बाबूलाल चौरसिया को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई है लेकिन पार्टी को इस बारे में सोच विचार कर फैसला लेना चाहिए। इसके साथ ही मानक अग्रवाल ने कहा था कि कमलनाथ को स्पष्ट करना चाहिए कि वह गोडसे विचारधारा के हैं या गांधी के।

जिसके बाद अब कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रशेखर द्वारा मानक अग्रवालको निष्कासन का पत्र जारी कर दिया गया है। वहीं मानक अग्रवाल को निष्कासन पत्र जारी होने के बाद कांग्रेस ने इस बात का विरोध देखा जा रहा है और कांग्रेस के कई नेता इस्तीफा देने की बात कर रहे हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी को एक और मौका मिल गया है जहां वह कांग्रेस मैं नेताओं की स्थिति और उनके विचारधारा सहित सोच पर उंगली उठा सकें।