तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत की शिवराज कैबिनेट में रीएंट्री, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

इन आयोजन में ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक नेता तुलसी सिलावट गोविंद सिंह राजपूत मंत्री पद की शपथ लेंगे।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। उपचुनाव (by-election) बीतने के 1 महीने से ज्यादा समय के बाद आखिरकार मध्यप्रदेश में शिवराज कैबिनेट (shivraj cabinet) का विस्तार हो गया। इसके साथ ही सिंधिया समर्थक दो मंत्री तुलसीराम सिलावट  (tulsiram silawat) और गोविंद सिंह राजपूत (govind singh rajput) की शिवराज सरकार में एक बार फिर से रीएंट्री हो गई है। राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दोनों नेता तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत को मंत्री पद की शपथ दिलाई।

बता दें कि शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj ingh chauhan) के अलावा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस भी मौजूद रहे। वहीं दोपहर 2:00 बजे मध्य प्रदेश के चीफ जस्टिस मोहमद रफीक का भी शपथ ग्रहण समारोह किया जाएगा।

मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (anandiben patel) रविवार सुबह 11:30 बजे भोपाल पहुंची। जिसके बाद राजभवन में 12:30 बजे शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इन आयोजन में ज्योतिरादित्य सिंधिया  (jyotiraditya scindia) के समर्थक नेता तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्री पद की शपथ ली। सूत्रों की माने तो कोरोना संक्रमण को देखते हुए शपथ ग्रहण समारोह में 150 लोगों की ही व्यवस्था की गई थी।वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक (mohammad rafique) का भी शपथ ग्रहण समारोह आज दोपहर 2:00 बजे किया जाएगा।

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शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कोरोना गाइडलाइन (corona guideline) और प्रोटोकॉल का पालन किया गया। सूत्रों के मुताबिक सिंधिया समर्थक तुलसी सिलावट को एक बार फिर जल संसाधन विभाग, वही गोविंद सिंह राजपूत को परिवहन और राजस्व विभाग मिलने की संभावना है। इससे पहले भी इन दोनों नेताओं को यह मंत्रीपद सौपे गए थे। हालांकि मंत्रालय में 6 मंत्री पद रिक्त हैं। जिनमें दो पर ही अभी शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है। वही 4 पर सहमति न बन पाने के कारण उम्मीद की जा रही है कि आगे भी शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा।

ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर हुए उपचुनाव के बाद परिणाम 10 नवंबर को आए थे। जिसमें बीजेपी ने 19 सीटों पर जीत हासिल की थी। 9 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा रहा। जिसके बाद से लगातार शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई थी। इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा सहित ज्योतिरादित्य सिंधिया की बैठकों का दौर चल रहा था।