उमा भारती

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma bharti) ने शराबबंदी (Liquor ban) के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। इसके साथ ही उन्हें मंत्री और विपक्षी नेताओं का भी साथ मिल रहा है। इसी बीच मध्य प्रदेश की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) को पत्र लिखा है।

दरअसल अपने लिखे पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि शराबखोरी से गरीबों की जिंदगी तबाह हो रही है। जिसके लिए प्रदेश में यह मुहिम चलाना आवश्यक है। इसके साथ ही साथ उन्होंने कहा कि कोई गलतफहमी ना हो। इसके लिए पत्र को सार्वजनिक किया जा रहा है। अपने लिखे पत्र में फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने कहा है कि शराबबंदी को लेकर यह मुहिम चलाई जा रही। इसमें कोई राजनीतिक स्वार्थ नहीं होना चाहिए।

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इस मुहिम में राजनीतिक वक्तव्य नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही साथ सरकार पर अनुचित जवाब बनाने की चेष्टा भी किसी को नहीं करनी है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा यह मुहिम इसलिए है ताकि लोग खुद ही नशे का त्याग करें।वही अपने पत्र में महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए उमा भारती ने लिखा कि गांधी की कल्पना में शराबबंदी भी थी पर प्रयास करने के बाद भी देश इसमें सफल नहीं हो पाया है।

बता दें कि प्रदेश में शराबबंदी के मुहिम पर मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती 8 मार्च महिला दिवस के अवसर पर अभियान की शुरुआत करेंगे। इससे पहले इसकी जानकारी देते हुए उमा भारती ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी थी। उन्होंने लिखा था कि नशा करने के बाद ही रेप जैसी घटनाएं बढ़ती है। इसलिए नशा और शराबबंदी होनी चाहिए। हालांकि उमा भारती ने साफ कहा है कि इसमें सरकारी तंत्र शामिल नहीं है। यह एक जनचेतना सरोकार है और इसमें लोगों को स्वयं ही शराब का त्याग करना चाहिए।

उमा भारती का सीएम शिवराज को पत्र- गलतफहमी ना पैदा की जाए इसलिए किया ये काम