Wheat Procurement: मप्र के इन 15 जिलों में 2 दिन नहीं होगी गेहूं खरीदी, आदेश जारी

इसके अलावा 96 केंद्रों के कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उपार्जन केंद्रों पर तिरपाल आदि लगाकर गेहूं को बारिश में भीगने से बचाने की व्यवस्था की जाए।

KISAAN

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। चक्रवाती तूफान Taukte के बाद अब चक्रवाती तूफान Cyclonic storm Yaas का असर प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। जिससे कई जिलों में भारी बारिश (rain) की चेतावनी दी गई है। बारिश को देखते हुए किसानों (farmers) को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल आगामी बारिश की चेतावनी के बाद प्रदेश के रीवा, शहडोल एवं जबलपुर संभाग के 15 जिलों में गेहूं खरीदी (Wheat Procurement) का कार्य 2 दिनों के लिए बंद कर दिया जाएगा। इस मामले में खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण संचालक ने जिलों के कलेक्टरों (collectors) को आदेश जारी किए हैं।

खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण संचालक ने निर्देश जारी करते हुए कलेक्टर को हिदायत दी है कि मौसम विभाग द्वारा तूफान Yaas के कारण भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ऐसी स्थिति में गेहूं खरीदी का कार्य होना संभव नहीं है। जिसके कारण मध्य प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में विशेष कर रीवा, शहडोल, जबलपुर संभाग में 26 मई की शाम से 29 मई तक आंधी तूफान और बारिश की संभावना जताई गई है। इसको देखते हुए 28 मई तक के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य बंद रहेगा।

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जिला के कलेक्टर को आदेश जारी करने के बाद किसानों को भी मैसेज कर सूचना दे दी गई है। वहीं गेहूं का उपार्जन का कार्य 30 एवं 31 मई को जारी किया जाएगा। इसके अलावा शिवराज सरकार (shivraj government)  ने सभी केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि बारिश की आगामी संभावना को देखते हुए गेहूं की सुरक्षा और बचाव के लिए तैयारियां पूरी की जाए। उपार्जन केंद्र में परिवहन कर सुरक्षित भंडारण में भेजा जाए।

इसके अलावा 96 केंद्रों के कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उपार्जन केंद्रों पर तिरपाल आदि लगाकर गेहूं को बारिश में भीगने से बचाने की व्यवस्था की जाए। आंधी के प्रभाव को देखते हुए विशेष व्यवस्था कर गेहूं का भंडारण सुरक्षित किया जा सके। ज्ञात हो कि इससे पहले Taukte तूफान को देखते हुए गेहूं उपार्जन के काम को कुछ दिन के लिए रोक दिया गया था।