World Happiness Day: कितने खुशहाल हैं हम, जानें 149 देशों की सूची में भारत का स्थान😊

Atul Saxena
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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। संकटों के दौर में कोई कैसे खुद को खुश रख सकता है इसकी एक रिपोर्ट आज World Happiness Day यानि विश्व खुशहाली दिवस पर संयुक्त राष्ट्र ने एक जारी की है। इस सूची में 55 लाख से कुछ  अधिक आबादी वाला देश नॉर्थन यूरोपियन देश फिनलैंड सबसे ऊपर यानि पहले स्थान पर है। 149 देशों की इस सूची में भारत को 139 वां स्थान मिला है। जबकि पड़ोसी देश पाकिस्तान का 105 वां स्थान है।

कोरोना का डर, तनाव, डिप्रेशन, जॉब और अनगिनत मौतों ने भारत जैसे खुशहाल देश को खुशहाल देशों की सूची में बहुत नीचे ला दिया है।  संयुक्त राष्ट्र ने World Happiness Day पर 149 खुशहाल देशों की सूची जारी की है जिसमें टॉप 10  देशों में फिनलैंड पहले नंबर पर, डेनमार्क दूसरे नंबर पर, स्विट्जरलैंड तीसरे नंबर पर, आइसलैंड चौथे नंबर पर और नीदरलैंड पांचवे नंबर पर है। सूची में छठवां स्थान नॉर्वे को और सातवा स्थान स्वीडन को मिला है। आठवे स्थान पर लक्जमबर्ग, नौवे स्थान पर न्यूजीलैंड और  ऑस्ट्रिया है।

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दुनिया के टॉप 10  देशों की सूची में एक न्यूजीलैंड को छोड़कर सभी देश यूरोपियन देश हैं। इस सूची में सबसे ताकतवर देश अमेरिका 14 वे नंबर पर है जबकि चीन 19 वे स्थान पर है।  भारत के पडोसी देशों में नेपाल 87 वे बांग्लादेश 101  वे पाकिस्तान 105 वे म्यांमार 126 वे और श्रीलंका 129  वे नंबर पर है जबकि सूची में भारत का स्थान 139 वां है।  इस हिसाब से भारत के पडोसी देश भारत की तुलना में ज्यादा खुश हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक सर्वे में लोगों से सकारात्मक भाव में पूछा गया कि क्या आप पिछले दिनों खूब हँसे थे या मुस्कुराये थे ? इसी तरह नकारात्मक भावों में ये पूछा गया कि  जिस दिन आप हंसिया मुस्कुराये थे उस दिन आप किसी बात को लेकर निराश हुए थे? इसी तरह लोगों की राय के आधार पर लोगों की खुशहाली का पता लगाया गया।


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ....पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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