दुनियाभर में है करीब 20 हजार फ्रेंचाइजी स्टोर, रोजाना बेचती है 15 लाख पिज्जा, पढ़ें Domino’s की Success Story

बता दें कि अमेरिका के मिशिगन में डोमिनिक डेवात ने डोमिनिक के नाम से एक पिज्जा चेन शुरू की थी। साल 1960 में ब्रदर्स टॉम मोनेगन और जेम्स मोनेगन ने इस चेन को सिर्फ 500 डॉलर में खरीद लिया।

Sanjucta Pandit
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Domino’s Success Story : डोमिनोज पिज्जा की स्थापना 1960 में हुई थी, जिसे वैश्विक स्तर पर पसंद किया जाता है। इसके दुनियाभर में लगभग 20 हजार फ्रेंचाइजी स्टोर्स है। कंपनी रोजाना 15 लाख पिज्जा अपने ग्राहकों को बेचती है। वहीं, भारत में भी डोमिनोज का पिज्जा बहुत पसंद किया जाता है। बता दें कि अमेरिका के मिशिगन में डोमिनिक डेवात ने डोमिनिक के नाम से एक पिज्जा चेन शुरू की थी। साल 1960 में ब्रदर्स टॉम मोनेगन और जेम्स मोनेगन ने इस चेन को सिर्फ 500 डॉलर में खरीद लिया। उन्होंने इसमें अनेक परिवर्तन किए और साल 1965 में इसे डोमिनोज पिज्जा का नाम दिया। इसके बाद से ही यह चेन तेजी से बढ़ती चली गई और अब यह वैश्विक रूप से मशहूर है।

दुनियाभर में है करीब 20 हजार फ्रेंचाइजी स्टोर, रोजाना बेचती है 15 लाख पिज्जा, पढ़ें Domino’s की Success Story

इन जगहों पर है फ्रेंचाइजी

डोमिनोज पिज्जा का लोगो में तीन गोलाकार छेद हैं, जो तीन अंतरराष्ट्रीय स्टोर्स की पहचना है। साल 1995 में भारत में पहुंचने के बाद डोमिनोज ने जुबिलेंट फूडवर्क्स को मास्टर फ्रेंचाइजी बनाया, जो भारत में ऑनलाइन और मोबाइल पिज्जा ऑर्डरिंग का काम करती है। आज कंपनी का भारत के साथ-साथ श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश में भी डोमिनोज पिज्जा की प्रमुख फ्रेंचाइजी है। उन्होंने अपने व्यापार मॉडल में टेक्नोलॉजी का विस्तार किया, जिससे ग्राहकों को आसानी से ऑर्डर करने और पेमेंट करने की सुविधा मिलती है।

रेसिपी में किया बदलाव

साल 2008 और 2009 के दौरान डोमिनोज पिज्जा के लिए काफी मुश्किल समय था, जब उन्होंने अपनी पिज्जा की रेसिपी में बदलाव किया और उसे पहले से अलग बनाया, जोकि ग्राहकों को पसंद नहीं आया और उन्हें बुरा लगा। हालांकि, डोमिनोज ने जल्दी ही इसे समझ लिया कि उनकी नई रेसिपी ग्राहकों को नहीं पसंद आ रही है।


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मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं।

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