उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान ने किया उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन, 40 प्रतिभागियों ने लिया भाग

Institute of Higher Education Excellence: उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान में व्यवसायिक पाठ्यक्रम प्रकोष्ठ द्वारा संस्थान के संचालक डॉ प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में नई शिक्षा नीति (New Education Policy) के अंतर्गत चलने वाले समस्त व्यवसायिक पाठ्यक्रम एवं इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप प्रोजेक्ट वर्क, कम्युनिटी इंगेजमेंट पर एक उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान ने किया उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन, 40 प्रतिभागियों ने लिया भाग

शुक्रवार को कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में संस्थान के संचालक ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि, “नई शिक्षा नीति में इस प्रकार के पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त करने में बहुत सहायक होंगे।” आगे उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि, “विद्यार्थियों को ऐसी जगह इंटर्नशिप के लिए भेजें, जिससे वहीं पर उनको रोजगार प्राप्त हो सके।
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व्यवसायिक प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी डॉ रुचिरा चौधरी ने संस्थान में चलने वाले समस्त व्यवसायक पाठ्यक्रम के बारे में एक विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। द्वितीय सत्र में डॉ अखिलेश शेंडे ने इंटर्नशिप ,अप्रेंटिसशिप प्रोजेक्ट वर्क, कम्युनिटी इंगेजमेंट के बारे में अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।
उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान ने किया उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन, 40 प्रतिभागियों ने लिया भाग
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परीक्षा नियंत्रक डॉ महिपाल सिंह सिंह यादव ने इन पाठ्यक्रमों के बारे में परीक्षा की योजना पर अपने विचार प्रस्तुत किए। अंत में संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी डॉ महेंद्र सिंघई ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।  प्रकोष्ठ की सहायक नोडल ऑफिसर डॉ उषा कहोल ने अंत में आभार व्यक्त किया। इस प्रकार यह कार्यशाला बहुत ही सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कार्यक्रम का संचालन डॉ निधि चौहान द्वारा किया गया।

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Manisha Kumari Pandey

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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

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