CG Weather: प्रदेश में मानसून एक्टिव, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, वज्रपात की है आशंका

मानसूनी तंत्र के प्रभाव से आज मंगलवार से पूरे हफ्ते विभिन्न क्षेत्रों में भारी वर्षा होने के आसार है। आज अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक के साथ बौछार की संभावना है।

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रायपुर, डेस्क रिपोर्ट। पूरे छत्तीसगढ में मानसून ने दस्तक दे दी है। बंगाल की खाड़ी में एक-दो दिन में ताकतवर सिस्टम से तेज बारिश होगी। छत्तीसगढ़ मौसम विभाग (CG Weather Department) ने आज 21 जून मंगलवार को  अनेक स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। वही कई गरज-चमक के साथ वज्रपात होने तथा अंधड़ चलने की संभावना है।इधर, रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग समेत 16 जिलों में 23 जून तक भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

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सीजी मौसम विभाग (CG Weather Update) के अनुसार, पिछले 24 घंटे में छूरा में 10 सेंटीमीटर, कोटा में 9, लोरमी में आठ, पथरिया में सात, महासमुंद में छह, बोड़ला में पांच, तखतपुर में चार, बलौदाबाजार और बिलासपुर में चार-चार, सिमगा, राजनांदगांव, रायपुर और जांजगीर में एक-एक सेंटीमीटर वर्ष दर्ज की गई।रायपुर का अधिकतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री कम और बिलासपुर का अधिकतम तापमान सामान्य से 7 डिग्री नीचे रहा।बालोद में अगले सात दिन तक बारिश के आसार हैं, क्योंकि द्रोणिका सिस्टम सक्रिय है।

सीजी मौसम विभाग (CG Weather Alert) के अनुसार, वर्तमान में मानसून के अलावा प्रदेश में 2 द्रोणिकाएं एक्टिव है।एक द्रोणिका पश्चिम उत्तरप्रदेश से बांग्लादेश तक तथा दूसरी दक्षिण छत्तीसगढ़ से दक्षिण तटीय आंध्रप्रदेश तक 0.9 किमी ऊंचाई पर सक्रिय है।इधर, दक्षिण पश्चिम मानसून अब पूरे प्रदेश में सक्रिय हो चुका है, ऐसे में मानसूनी तंत्र के प्रभाव से आज मंगलवार से पूरे हफ्ते विभिन्न क्षेत्रों में भारी वर्षा होने के आसार है। आज अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक के साथ बौछार की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा भारी वर्षा होने का अनुमान है।

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बता दे कि पिछले 30 सालों में यह पहला मौका है, जब मानसून बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के बजाय अरब सागर के सिस्टम से छत्तीसगढ़ में न सिर्फ दाखिल हुआ, बल्कि पूरे प्रदेश में फैल भी गया, हालांकि इसमें 4 दिन की देरी लगी।अबतक बंगाल की खाड़ी में तूफान के असर से छत्तीसगढ़ में मानसूनी बादल दस्तक देते हैं।पिछले 17 साल में मानसून केवल 2 बार यानि 10 जून और पिछले साल मानसून 1 दिन की देरी से 11 जून को पहुंचा था। इस साल 6 दिन की देरी हो गई।