इंदौर में कोरोना से बिगड़े हालात, रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की हुई कमी, सड़कों पर उतरे लोग, प्रशासन परेशान

मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी में कोरोना बिगड़े हालात कैसे संभलेंगे यह अब चिंता का विषय बनता जा रहा है। कारण है रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की आ रही कमी।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। देश के सबसे स्वच्छ शहर में कोरोना (Corona) की दूसरी लहर ने हालत बिगाड़ दी है। वही अब कोरोना से पीड़ित गभींर मरीजों को लगाए जाने वाले रेमडेसिविर (Remdesivir ) इंजेक्शन और ऑक्सीजन (Oxygen) में भारी कमी आ गई है जिसके कारण इंदौर दवा बाजार में लोगो के बीच अपनो को बचाने की जद्दोजहद के चलते भीड़ उमड़ आई वही लोगों के चहरे पर अपनों को खोने का डर साफ़ दिखाई भी दिया। बावजूद इसके लोगो को विश्वास है कि हालत कभी तो अच्छे होंगे।

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बुधवार को प्रदेश के दो मंत्रियों तुलसी सिलावट (Tulsi Silawat) और उषा ठाकुर (Usha Thakur) ने कोरोना के बढ़ते मामलों और वैक्सीनेशन (Vaccination) को लेकर शिक्षाविदों के साथ बैठक की। इस दौरान कई सुझाव आये जिन पर आने वाले दिनों में अमल किया जा सकता है। बैठक के बाद प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि इंदौर में मास्क, दूरी और वैक्सीन जरूरी है वही उन्होंने कोरोना से पीड़ित परिवारों की जरूरत पर भी बल दिया और कहा कि उन्हें खाना और दवा भी जरूरी है। वही रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी को लेकर मंत्री केवल आश्वस्त करते नजर आए। आप भी सुनिए बिगड़ते हालत को लेकर मंत्री तुलसी सिलावट ने क्या कुछ कहा…..

इधर, मंत्री उषा ठाकुर ने मीडिया से कहा कि रात 9 बजे बन्द होने वाली दुकानो के समय मे समानता को लेकर कहा कि शराब दुकान उसी समय बंद हो इसके लिए सरकार से बात करेगी। वही उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य की संपूर्ण सुविधा पूरी क्षमता के साथ इंदौर में उपलब्ध है हालांकि रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता की कमी को लेकर किये गए सवाल पर उनका जबाव महज औपचारिक ही नजर आया।

वही इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह (Collector manish singh) ने स्वीकारा की इंदौर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी है और उन्होंने कहा कि इसके शॉर्टेज की मुख्य वजह है कि महाराष्ट्र और गुजरात में डिमांड बढ़ गई है, क्योंकि उत्पादन करने वाली करीब 10 यूनिट उन प्रदेशों में है। वही उन्होंने कहा कि आज कुछ मात्रा में इंजेक्शन आये है और राज्य सरकार भी खरीद रही है जो आज मेडिकल कालेज में आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा महाराष्ट्र में स्थानीय शासन ने उसे रोका है इसलिये समस्या आ रही है। वही ऑक्सीजन को लेकर इंदौर क्लेक्टर ने माना कि ऑक्सीजन की सप्लाय को सही करने के लिए सरकार की बातचीत जारी है और उम्मीद है कि उस मामले में एक दो दिन में स्थिति ठीक हो जाएगी। वही उन्होंने इंदौर में लॉक डाउन जैसी बातों को फिलहाल निराधार बताते हुए कहा कि कब भी ऐसा कुछ होगा पहले से ही सूचना दी जाएगी।

इधर, इंदौर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी को लेकर कई सवाल उठ रहे है वही प्रदेश के सबसे बड़े दवा बाजार में लोगो की कतार ये बताने के लिए काफी है कि 1 हजार से 1500 के बीच बिकने वाला इंजेक्शन भले ही 3 हजार तक बेचा जा रहा हो लेकिन कतार में लगा हर कोई ये चाहता है कि उसके परिजन बच जाए। वही लोगों की भीड़ दवा बाजार में इक्कठा हो गई और अपने परिजनों को खोने का डर उनमें साफ़ देखने को मिला, लेकिन कतार में लगे लोग इस बात को भूल गए है कि उन्हें भी कोरोना अपना शिकार बना सकता है। देखिये किस तरह एक व्यक्ति अपना दर्द बयां कर रहा है।

 

अब सवाल ये उठ रहे है कि अभी तो प्रदेश की आर्थिक राजधानी में एक इंजेक्शन ने हड़कम्प मचा रखा है और ऐसे में समूचे प्रदेश में यदि गलती से भी कोरोना बढ़ गया तो हालात क्या होंगे ? इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे में सीएम शिवराज (CM Shivraj) और उनकी सरकार को जल्द बढ़ते मरीजो की संख्या के हिसाब से नई रणनीति तैयार करने की जरूरत है। ताकि जल्द से जल्द कोरोना संक्रमण को रोका जा सके।

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