सुपर डांसर-3 के मामा जी पारितोष त्रिपाठी को भाया भोपाल

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भोपाल। इस शहर को हरियाली का खजाना कहें, ज़ायकों का शहंशाह कहें या मिलनसारिता का नवाब…! यहां की आब-ओ-हवा दिलकश, यहां के जायके लुभावने, यहां की व्यवहारिकता गज़ब। दिल चाहता है यहीं के होकर रह जाएं…!

सुपर डांसर-3 में मामा जी के किरदार से कभी शिल्पा शेट्टी पर डोरे डालते नजर आते और कभी अपने हुलिए और त्वरित टिप्पणियों से लोगों को हंसाते दिखाई देने वाले अदाकार पारितोष त्रिपाठी इन दिनों भोपाल में हैं। अनुराग बसु निर्देशित और राजकुमार राव-सना फातिमा शेख स्टारर फ़िल्म की शूटिंग के सिलसिले में वे यहां आए हुए हैं। गुरुवार को शूटिंग से कुछ वक्त निकालकर उन्होंने अपनी वैनिटी वैन में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लम्बी चर्चा के बीच अपने रंगमंच, टीवी और फ़िल्म के सफर से जुड़ीं कई बातें विस्तार से कीं।

झील, पान, आर्टिस्ट्स का शहर

पारितोष भोपाल की हरियाली, यहां की लैक्स, यहां के खानपान के दीवाने हो गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले भी वे भोपाल आ चुके हैं लेकिन उस सफर के दौरान वे काम की मसरूफियत में होटल से बाहर नहीं निकल पाए थे। वे बताते हैं कि अब शूटिंग लोकेशन पर जाते हुए बड़ी झील के पास से गुजरे बिना नहीं रह पाते। इस बीच वे कई बार झील के किनारे खड़े होकर उसका दीदार करने का मोह भी नहीं छोड़ पाते। पारितोष ने भोपाली पान खाया तो उसके दीवाने हो गए हैं। वे कहते हैं कि जिस तरह मुंबई में कटिंग चाय का रिवाज है, वैसे ही भोपाल के पान का आकार देखते हुए इसकी भी कटिंग मिलना चाहिए। पारितोष का मानना है कि भोपाल आर्टिस्ट्स का शहर है। यहां के कलाकारों में अकूत प्रतिभा भरी हुई है।

रंगमंच, टीवी, फ़िल्म

रंगमंच से अभिनय यात्रा शुरू करने वाले पारितोष बताते हैं कि उनका रंगमंच का सफर छोटे स्क्रीन पर अल्पविराम कहा जा सकता है। इस रास्ते चलकर वे रुपहले पर्दे पर अपनी प्रतिभा दिखाना चाहते हैं। इसमें उन्हें कामयाबी की सीढ़ियां हासिल होने भी लगी हैं। वे फ़िल्म काशी में अपना अभिनय दिखा चुके हैं। फिलहाल अनुराग बसु की फ़िल्म की शूटिंग में मसरूफ हैं। जल्दी ही वे रणवीर प्रताप सिंह की वेब सीरीज और फ़िल्म में भी नजर आने वाले हैं। गौरतलब है कि पारितोष छोटे पर्दे पर इंडियन आइडियल सीजन-9, कॉमेडी सर्कस, क्राइम पेट्रोल सहित कई शो का हिस्सा बन चुके हैं।

नाता यूपी से नाम बंगाल का

पारितोष मूलतः उत्तर प्रदेश से हैं। अपने बंगाली नाम के बारे में वे बताते हैं कि एक बंगाली लेखक से प्रेरित होकर उनके माता-पिता ने ये नाम रखा था। उन्होंने अपने यूपी लगाव को रेखांकित करते हुए कहा कि मैं कभी खाने में चावल नहीं छोड़ सकता। इसी तरह वो फ़िल्म नहीं छोड़ सकता, जिसमें अमिताभ बच्चन मौजूद हों।

सीजन-3 में तीनगुना जोश

सोनी टीवी पर प्रसारित हो रहे सुपर डांसर-3 के बारे में कहा कि इसको लेकर पार्टिसिपेंट और दर्शकों दोनों में तीन गुना जोश है। उन्होंने इस शो में शामिल प्रतिभागियों के बारे में कहा कि छोटे-छोटे बच्चों में गजब की प्रतिभा देखने को मिल रही है। पारितोष ने दावा किया कि ये शो फिलहाल का सबसे बड़ा इंटरटेनमेंट शो कहा जा सकता है। इस शो से निकलीं प्रतिभाएं देश-दुनिया में अपना नाम करेंगी।

कामयाबी ने सिखाई नरमी

सफलता की पायदान पर खड़े पारितोष बेहद मिलनसार और मृदुभाषी हैं। अपने भीतर समाई हुई इस आदत को परिवार से मिली विरासत बताते हैं। उनका मानना है कि जो एटिट्यूड दिखाना है, वो अपने काम में दिखना चाहिए, न कि आम लोगों या अपनों के बीच। वे मानते हैं कि स्वभाव की नम्रता भी कामयाबी का एक हिस्सा है।