MP : सीएम शिवराज का सख्त रुख, अधिकारियों को निर्देश-माफिया, दुराचारी सहित चिटफंड कंपनियों पर जारी रहेगी कार्रवाई

सीएम शिवराज ने निर्देश दिये कि नशीले पदार्थों पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाए और स्कूल, कॉलेजों में जन-जागृति कार्यक्रम किए जाए।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP) के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj) एक बार फिर से सख्त रुख अख्तियार किया। दरअसल प्रदेश में माफिया-दुराचारी को कुचल देने की कवायद तेज हो गई है। दरअसल सीएम शिवराज ने अधिकारियों (MPOfficers) को निर्देश दिए हैं कि किसी भी सूरत में माफिया और चिट फंड कंपनी (chit fund companies) को बक्सा ना जाए। जो चिटफंड कंपनियां लोगों के पैसे ठग रही है। उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। कलेक्टर कमिश्नर बैठक (collector commissioners meeting) में अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुशासन देना हमारा संकल्प है और इसके लिए हर जनकल्याण की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj) ने कहा है कि प्रदेशवासियों को सुशासन (good governance) देना हमारा संकल्प है और विकास एवं जन-कल्याण की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर प्रदेशवासियों की जिंदगी बदलना हमारा लक्ष्य है। आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश (Aatmnirbhar madhya pradesh) के निर्माण की जिम्मेदारी राज्य स्तरीय अधिकारियों के साथ जिलों में पदस्थ अधिकारियों का भी है।

सीएम शिवराज ने कहा कि माफिया (mafia) जन-सामान्य का जीवन कठिन बनाते है। प्रदेश में माफिया और दुराचारी के विरूद्ध चलाया जा रहा अभियान जारी रहेगा। राजदंड का पालन करना धर्म ही है। सीएम शिवराज ने बेहतर कानून-व्यवस्था (Law and order) के लिए जिलों के कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस मूल्यांकन का माध्यम है, जो प्रति माह जारी रहेगा। हमें प्रदेश की व्यवस्था को देश मे सर्वश्रेष्ठ बनाना है।

चिटफंड कंपनियों पर करें कार्रवाई

सीएम शिवराज ने कहा कि जनता की मेहनत का पैसा हड़पने वाली चिटफंड कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई निरंतर जारी रखें। उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही कर नागरिकों का पैसा भी वापस करवाएँ। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 में 46 हजार 245 निवेशकों को 152 करोड़ रूपए वापस दिलाए गए थे। जनवरी से मार्च 2022 तक 11 हजार 547 निवेशकों को 33 करोड़ 73 लाख रुपए वापस दिलाए गए हैं।

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भू-माफिया और गुंडे-बदमाशों को नहीं किया जाएगा बर्दाश्त

सीएम शिवराज ने कहा कि प्रदेश में भू-माफिया और गुंडे-बदमाशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके खिलाफ कार्यवाही जारी रहे और कड़ी कानूनी कार्यवाही के साथ उन्हें आर्थिक रूप से भी नेस्तनाबूद किया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि माफ़िया और दबंगों के भय और मनोबल को तोड़ना है। इसके साथ आम नागरिकों का हौंसला बढ़ाया जाए, जिससे वे स्वयं माफिया और दबंगों के खिलाफ आवाज उठा सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माफियाओं से मुक्त कराई गई भूमि, गरीबों को आवास के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। कानून-व्यवस्था स्थापित करने और भय मुक्ति का यह मध्यप्रदेश मॉडल है। प्रदेश में माफियाओं के विरूद्ध हुईं कार्यवाहियों का इंपेक्ट एसेसमेंट कराया जाए। बैठक में बताया गया कि भू-माफिया, गुंडों और अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए प्रदेश में जनवरी से 31 मार्च तक 1791 प्रकरण दर्ज किए गए।

अब तक 3814 अवैध अतिक्रमण तोड़े जाकर 2244 एकड़ भूमि मुक्त कराई गई है, जिसकी लागत लगभग 671 करोड रुपए है। इन कार्रवाइयों में भोपाल, खरगोन, इंदौर, झाबुआ और टीकमगढ़ जिले शीर्ष पर रहे हैं। सीहोर जिले में सर्वाधिक 309 और ग्वालियर में 281 एकड़ भूमि मुक्त कराई गई है। कमजोर कार्यवाही वाले जिलों में सागर, शाजापुर, कटनी, नर्मदापुरम, सतना, शिवपुरी, सीधी, नरसिंहपुर और डिंडोरी शामिल है।

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खनन माफियाओं के खिलाफ जारी रहे अभियान

सीएम शिवराज ने निर्देश दिये कि खनन माफिया, अवैध रेत परिवहन और उत्खनन को रोकने के लिये सघन अभियान जारी रखें और कड़ी कार्यवाही भी करें। बैठक में बताया गया कि अवैध रेत परिवहन एवं उत्खनन के 3531 मामलों में कार्रवाई करते हुए 857 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रदेश में 1 लाख 25 हजार घन मीटर रेत और 3490 चार पहिया वाहन जप्त किए गए हैं। अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के मामलों में कार्रवाई करने में देवास, शहडोल, भिंड, खरगोन और रीवा प्रथम पाँच जिलों में शामिल है। भिंड में 43 हजार 280, अनूपपुर में 25 हजार 170 और सीहोर में 11 हजार घन मीटर रेत जप्त की गई। अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की सबसे कम कार्यवाही शाजापुर, गुना, बुरहानपुर, हरदा और नरसिंहपुर में हुई।

नशीले पदार्थों पर सख्ती से लगाए प्रतिबंध

सीएम शिवराज ने निर्देश दिये कि नशीले पदार्थों पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाए और स्कूल, कॉलेजों में जन-जागृति कार्यक्रम किए जाए। जिससे युवा पीढ़ी को इससे बचाया जा सके। बैठक में बताया गया कि अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जनवरी से मार्च तक 63 हजार 665 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए और 5 लाख 64 हजार लीटर अवैध शराब एवं 26 लाख 80 हजार 675 लीटर लाइन जप्त की गई। पाँच आरोपियों के विरुद्ध रासुका और 134 के विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई की गई। इस अवधि में अवैध शराब परिवहन वाले 214 वाहन भी जप्त किए गए हैं।

सनसनीख़ेज़ अपराधों के 201 प्रकरणों में आरोपियों को हुई सजा

सीएम शिवराज ने चिन्हित गम्भीर और सनसनीख़ेज़ अपराधों की समीक्षा करते हुए कहा कि ऐसे सभी न्यायालयीन प्रकरणों में शासन का मजबूती से पक्ष रखा जाए, जिससे अपराधी बच के न जाने पायें। बैठक में बताया गया कि जनवरी से मार्च 2022 की तिमाही में 286 चिन्हित प्रकरणों का न्यायालयों द्वारा निर्णय सुनाया गया, जिसमें से 201 (70%) प्रकरणों में आरोपियों को सजा हुई है। माह मार्च 2022 में सजायाबी 75% रही जो 2008 से अब तक किसी भी महीने में अधिकतम सजायाबी है। प्रदेश के 10 ज़िलों में जनवरी से मार्च 2022 की अवधि में 100% सजायाबी हुई।

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जारी रहे मिलावट से मुक्ति अभियान

सीएम शिवराज ने कहा कि मिलावट से मुक्ति अभियान जारी रखें और नकली मावा, दूध और मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वालों पर कड़ी कार्यवाही की जाए। बैठक में बताया गया कि मिलावट से मुक्ति अभियान में 511 एफआईआर दर्ज और 42 पर एनएसए की कार्रवाई की गई है। पिछले वर्ष 61 लोगों पर रासुका की कार्रवाई की गई थी। न्यायालयों द्वारा 2971 प्रकरणों में 14 करोड़ 16 लाख रुपए का अर्थदंड भी संबंधितों पर आरोपित किया गया है। इस वर्ष जनवरी से मार्च तक 81 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए, जिसमें 2 करोड़ 35 लाख रूपए का मिलावटी खाद्य पदार्थ जप्त किया गया। इसी अवधि में 4 आरोपियों के विरुद्ध रासुका की कार्यवाही की गई। मुख्यमंत्री ने भिंड और मुरैना में दूध तथा मावे में मिलावट के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

ईट स्मार्ट सिटी चैलेंज में प्रदेश के 4 शहर विजेता घोषित

सीएम शिवराज ने ईट स्मार्ट सिटी चैलेंज में प्रदेश के 4 शहर उज्जैन, जबलपुर, सागर और इंदौर के विजेता घोषित होने पर चारों जिला प्रशासन को बधाई दी। इस प्रतियोगिता में देश के 104 शहरों ने भागीदारी की थी।

कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश में ऑपरेशन मुस्कान फरवरी में पुनः शुरू किया गया है। फरवरी और मार्च में 2013 बालक-बालिकाओं को खोजकर उन्हें घर पहुँचाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार प्रदेश में 352 एनजीओ एफसीआरए में पंजीकृत हैं। विशेष पोर्टल के माध्यम से इनकी निगरानी की जा रही है। अब तक 30 संस्थाओं का भौतिक सत्यापन भी कराया गया है। प्रदेश में 1966 स्थानों पर 10 हजार 711 कैमरे और 859 थानों में 3436 कैमरे स्थापित हैं। इनके नियमित रखरखाव के लिए अनुबंध किया गया है। प्रदेश में थानों की रैंकिंग का सिस्टम भी तैयार किया गया है।