अगले साल के फरवरी तक इस रिकॉर्ड को छू लेंगे सीएम शिवराज, साबित होंगे मील का पत्थर!

जिसके बाद एक बार फिर से इस बयान के सियासी अर्थ निकाले जा रहे हैं।

shivraj

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में 3 साल के बाद प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक (state executive meeting) आयोजित की जा रही है। इस बैठक में BJP नेतृत्व संगठन विचारधारा को लेकर कार्यकर्ताओं को शिक्षित किया जा रहा है। इसके साथ ही पवैया (pawaiya) जैसे नेताओं द्वारा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने का काम किया जा रहा है। हालांकि इस बीच एक सवाल जो सबसे ज्यादा घिरी हुई है वह सीएम शिवराज (CM Shivraj) के नेतृत्व को लेकर है।

कुछ दिन पहले BJP के शीर्ष नेताओं की एक दूसरे के साथ बंद कमरे में बैठक की जा रही थी। इस दौरान बीजेपी के CM नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे थे। जिसके बाद शीर्ष नेताओं द्वारा इस बात का पूरी तरह से खंडन किया गया था। अब भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश प्रभारी का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल प्रदेश प्रभारी पी मुरलीधर राव से जब शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) के चौथी बार सीएम बनाने को लेकर चर्चा की गई तो इस पर उन्होंने कहा कि 2023 की बात अभी कैसे की जा सकती है, वह राजनीतिज्ञ है। भविष्यवक्ता नहीं। जिसके बाद एक बार फिर से इस बयान के सियासी अर्थ निकाले जा रहे हैं।

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ज्ञात हो कि सीएम शिवराज पहली बार नवंबर 2005 में मुख्यमंत्री (chiefminister) बने थे। इसके बाद 2008 के चुनाव में बेहतरीन जीत दर्ज कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपना कार्यकाल पूरा किया था। जबकि 2013 में भी BJP ने मध्यप्रदेश में बेहतरीन जीत दर्ज की है। हालांकि 2020 में सत्ता उलटफेर के बाद एक बार फिर से शिवराज को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी गई। जहां पूर्व कांग्रेसी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) सहित कांग्रेस के 22 विधायकों ने कांग्रेस के खिलाफ बगावत कर बीजेपी की मदद की और शिवराज सिंह चौहान ने सीएम पद की शपथ ली थी।

वही इन 16 सालों में जब भी शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात पूछी। बीजेपी के सभी चेहरे एक स्वर में शिवराज सिंह चौहान का नाम लिया करते थे लेकिन इस बार बीजेपी नेता सीधे-सीधे किसी भी नाम पर मुहर लगाने को तैयार नहीं है।

खैर आगामी चुनाव में बीजेपी किस रणनीति के साथ उतरने वाली है। यह तो समय ही बताएगा लेकिन 8 महीने से भी कम समय में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी ही पार्टी के नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह (Raman singh) द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ देंगे। दरअसल बीजेपी की तरफ से अब तक रमन सिंह सबसे अधिक समय तक मुख्यमंत्री के पद पर काबिज रहे हैं। इस दौरान 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे थे। जबकि अगले साल के फरवरी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, रमन सिंह के इस रिकॉर्ड को तोड़ सकेंगे।

ज्ञात हो कि इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के सीएम पद का रिकॉर्ड तोड़ा जा चुका है। जहां नरेंद्र मोदी गुजरात में साढे 12 साल तक सीएम पद पर काबिज रहे थे। इसके अलावा सीएम शिवराज ने राजस्थान सीएम वसुंधरा राजे (vasundhara raje) के 10 साल के कार्यकाल के रिकॉर्ड को ध्वस्त किया है।