Hindi News

Madhya Pradesh: राज्य सरकार की बड़ी तैयारी, डाटाबेस सॉफ्टवेयर तैयार, ऐसे मिलेगा ग्रामीणों को लाभ

Written by:Pooja Khodani
Published:

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की कवायद लगाताार जारी है।इसी कड़ी मध्य प्रदेश में केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना के अंतर्गत आयुष विभाग द्वारा 75 आयुष ग्राम की स्थापना की गई है।इसके तहत चयनित प्रत्येक आयुष ग्राम की समस्त जनसंख्या का स्वास्थ्य पत्रक तैयार किया गया है।

यह भी पढ़े..MPPSC: राज्य सेवा-वन सेवा परीक्षा 2021 पर अपडेट, 19 जून को होगी परीक्षा, इस दिन जारी होंगे एडमिट कार्ड

आयुष विभाग द्वारा  आयुष चिकित्सकों के दल द्वारा इन ग्रामों के 37 हजार परिवारों के एक लाख 60 हजार व्यक्तियों का स्वास्थ्य सर्वेक्षण कर सर्वे के रिकॉर्ड का डाटाबेस सॉफ्टवेयर में दर्ज किया गया है। इसके विश्लेषण के आधार पर ग्राम की स्वास्थ्य स्तर की रिपोर्ट तैयार कर ग्राम की स्वास्थ्य संबंधी भविष्य की कार्य-योजना निर्धारित की गई है।

इस योजना का उद्देश्य आयुष चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से ग्रामीणजन के स्वास्थ्य को उत्तम बनाये रखना है। प्रत्येक आयुष ग्राम को कुपोषण, रक्तचाप एवं मलेरिया मुक्त बनाना भी प्रमुख उद्देश्य है। आयुष विभाग के मैदानी अमले द्वारा गर्भवती महिला एवं शिशु देखभाल संबंधी जागरूकता भी प्रदान की जा रही है।

यह भी पढ़े..MPPSC: राज्य वन सेवा परीक्षा 2020 पर बड़ी अपडेट, 13 जून से शुरू होंगे आवेदन, जुलाई में होगी परीक्षा

आयुष विभाग का मैदानी अमला कुपोषण अभियान, एनीमिया, परिवार कल्याण एवं टीकाकरण आदि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में भी सहयोग प्रदान कर रहा है। आयुष ग्राम में निरंतर रूप से योग शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है।

औषधीय हर्बल गार्डन विकसित

इन शिविरों में ग्रामीणों को आयुष चिकित्सा पद्धतियों में वर्णित आहार आदतों तथा जीवन-शैलियों एवं मौसमी बीमारियों और उनकी रोकथाम आदि के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। आयुष ग्रामों एवं औषधालयों में जन-सामान्य के लिये उपयोगी औषधीय पौधों आँवला, गिलोय, सहजन आदि रोपण कर औषधीय हर्बल गार्डन भी विकसित किये जा रहे हैं।

चिकित्सा सुविधा का विस्तार

आयुष विभाग चिकित्सा सेवाओं को आमजन तक पहुँचाने के लिये निरंतर प्रयास कर रहा है। प्रदेश में 22 आयुष विंग तथा दो 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालयों की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई है। पूर्व में स्वीकृत भोपाल स्थित 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालयों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसके संचालन से आमजन को पंचकर्म की विशेष चिकित्सा सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
Follow Us :GoogleNews