केंद्रीय मंत्री Scindia की गृह मंत्री Amit Shah से बड़ी मांग, MP के इन 2 जिले को जल्द मिलेगी राहत

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के ग्वालियर-चम्बल संभाग (Gwalior-Chambal Division Flood) में भारी बारिश के कारण (heavy rain) बाढ़ के हालात लगातार बने हुए है। NDRF-SDRF की टीमें लगातार Rescue कर रही है और CM Shivraj भी पल पल पर अपनी पैनी नजर जमाए हुए है। अब भी कई जिंदगियां खतरें में बनी हुई है और जनजीवन अस्तव्यस्त (MP Flood) हो गया है। आज कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के बाढ़ पीड़ितों के लिए अधोसंरचना तैयार किए और लोगों को राहत पहुंचाने की बात कही है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) ने गुना (guna) और अशोकनगर (ashoknagar) के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों की जान बचाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बड़ी मांग की है।

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दरअसल ज्योतिरादित्य Scindia ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मांग की है कि गुना(guna) और अशोकनगर (ashoknagar) के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों की जान बचाने के लिए NDRF को जल्द से जल्द भेजें। वहीं गृह मंत्री Amit shah ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मांग को स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मांग की थी कि स्थिति नियंत्रण में आने के बाद नुकसान का आकलन करने के लिए एक टीम को भी गुना और अशोक नगर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जाए।

बता दें कि इससे पहले ग्वालियर चम्बल संभाग के जिलों के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई दौरा कर वापस लौटे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की राहत राशि का ऐलान किया है। सीएम ने कहा कि जिन लोगों के मकान गिर गए हैं। उन्हें मकान किराए के लिए 6-6 हजार रुपए दिया जाएगा। जादू कैसे पर केंद्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की घोषणा की थी कि प्रदेश में अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

CM Shivraj ने कहा कि शिवपुरी, श्योपुर में नदियों में लगातार जलस्तर कम हो रहा है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरीके से टला नहीं है, कई निचले इलाके हैं, जहां अभी पानी भरा हुआ है। सरकार की पहली प्राथमिकता सभी को सुरक्षित स्थान पर लाकर उनके रहने और खाने की व्यवस्था करना है वहीं चंबल नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर पर कहा कि भिंड और मुरैना में खतरा अभी भी बरकरार है, यही कारण है कि इन दोनों जिलों के लिए अलग से सेना बुलाने को लेकर भी बात हो गई है।  नुकसान के आकलन के निर्देश भी दे दिए गए हैं, जो भी आर्थिक क्षति होगी, उसकी भरपाई करने का काम सरकार करेगी।