MP News: Guideline तोड़ने के कारण पूर्व PWD मंत्री पर दर्ज हुई थी FIR

मंत्री जी के खिलाफ सीहोर के गोपालपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। जिसमें आठ अन्य आरोपी बनाए गए हैं।

सज्जन सिंह वर्मा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस की बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विधायक पूर्व PWD मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के खिलाफ सीहोर में दर्ज की गई f.i.r. के विरोध करने की रणनीति बनाई जाएगी। लेकिन पूर्व विधायक पर FIR क्यों दर्ज हुई इसकी बड़ी वजह सामने रही है। नसरूल्लागंज मे सीप नदी पर बने हुए पुल का उद्घाटन दो दिन पहले वहां से गुजर रहे कांग्रेस विधायक और पूर्व PWD मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कर दिया था।

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उनका तर्क था कि जब पुल तैयार हो चुका है और आवागमन हो सकता है तो फिर लोगों को बेवजह परेशानी क्यों। लेकिन क्या वास्तव में पुल बनकर तैयार हो चुका था और उस पर से गुजरने के लिए ट्रैफिक क्लीरियेन्स हो चुका था! विभागीय अधिकारियों की माने तो ऐसा नहीं था। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ अखिलेश अग्रवाल के अनुसार दो जून को इस ब्रिज पर कंक्रीट का निर्माण किया गया था और इंडियन रोड कांग्रेस के मापदंडों के अनुसार किसी भी सीमेंट कंक्रीट स्ट्रक्चर का बनने के बाद 28 दिन तक सुपर विजन नितांत आवश्यक है।

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इसके साथ ही किसी भी पुल को बनने के बाद उसका लोड टेस्टिंग किया जाता है और इस पुल की लोड टेस्टिंग अभी हुई नहीं थी। किसी भी लोड टेस्टिंग के लिए 72 घंटे का समय आवश्यक है तभी पुल या किसी निर्माण को क्लीन चिट दी जा सकती है। इंडियन रोड कांग्रेस के नियमों के अनुसार बिना इन नियमों का पालन किए हुए किसी भी पुल पर आवागमन की अनुमति नहीं दी जा सकती थी। ऐसे में पुल का उद्घाटन करके मंत्री जी ने न केवल नियमों का उल्लंघन किया बल्कि लोगों की जान को भी खतरे में डाल दिया। मंत्री जी के खिलाफ सीहोर के गोपालपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। जिसमें आठ अन्य आरोपी बनाए गए हैं। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर अभी सियासत गर्माएगी और कांग्रेस इसके विरोध में सड़कों पर उतरेगी, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।