भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में पंजीयन विभाग (registration department) द्वारा प्रॉपर्टी रजिस्ट्री (property registry) के लिए 1 जुलाई से नए कलेक्टर गाइडलाइन (Collector Guideline) लागू की जा सकती है। वही इस गाइडलाइन के लागू होने के साथ ही प्रॉपर्टी के दामों को बढ़ाने की भी तैयारी की गई है। बता दें कि प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए राज्य सरकार ने राहत के साथ 30 जून तक का वक्त दिया है।

एक जुलाई से प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने के आसार है। प्रॉपर्टी के दाम ना बढ़ने जाए, इसलिए अधिक से अधिक लोग प्रॉपर्टी रजिस्ट्री कराने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं पंजीयन विभाग द्वारा अफसरों के Slot को भी बढ़ाया गया है। लोगों की भीड़ को देखते हुए अफसरों के स्लॉट की संख्या को 15 से बढ़ाकर 52 किया गया है जिसके बाद अब 1 दिन में 600 से अधिक प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री हो सकेगी।

बता दें कि अभी तो पंजीयन विभाग द्वारा स्लॉट में 15 अधिकारी को शामिल किया गया था। लोगों की भीड़ होने के कारण 1 दिन में बमुश्किल 180 रजिस्ट्री हो पा रही थी। वहीं स्लॉट (slot) बढ़ाने के साथ-साथ अफसरों की स्लॉट बुक (slot book) करने की भी सुविधा लोगों को दी गई है। वही पंजीयन विभाग के अफसरों की मानें तो भोपाल में इस महीने 5000 से अधिक रजिस्ट्री हो चुकी है जबकि इंदौर में आठ हजार के करीब, ग्वालियर में 3000 से अधिक और जबलपुर में 3000 से अधिक रजिस्ट्री इस महीने करवाई गई है।

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इससे पहले जनता को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivrj singh chauhan) ने कहा था कि प्रदेश में संपत्ति की खरीदी-बिक्री के लिए प्रति वर्ष एक अप्रैल से नई गाइडलाईन जारी की जाती है। परंतु कोरोना संक्रमण को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए गाइडलाईन में 30 जून तक कोई परिवर्तन न करते हुए इसे पूर्ववत रखा गया है।

वहीं गाइडलाईन अनुसार महिलाओं के नाम से पंजीयन शुल्क में 2 प्रतिशत की छूट भी पूर्ववत जारी रहेगी। सामान्य पंजीयन की दर 3 प्रतिशत है जबकि महिला आवेदकों के लिए यह दर 1 प्रतिशत रखी गई है। यह छूट रजिस्ट्री के लिए लगने वाली 5 फीसद स्टांप शुल्क में दी जा रही है। इससे शहरी क्षेत्र में होने वाली रजिस्ट्री 12.5 फीसद की जगह 10.5 फीसद पर हो रही है। पहले रजिस्ट्री की तारीख 30 अप्रैल थी, जिसे 30 जून तक बढ़ा दिया था।