PM Modi के गतिशक्ति पर बोले CM Shivraj – विकास के महाअभियान में MP पूरी तरह जुड़ेगा

CM Shivraj ने कहा कि PM Modi ने आह्वान किया, सभी राज्य सरकारों से कहा है कि पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के साथ जुड़े,

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। भारत के बुनियादी ढांचे के विकास के विभिन्न पहलुओं को एक आम रास्ते पर लाने के लिए, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम गतिशक्ति (PM Gatishakti) राष्ट्रीय मास्टर प्लान लॉन्च किया है। वहीँ MP के सीएम शिवराज ने पीएम गतिशक्ति पर बड़ी बात कही है। CM Shivraj ने कहा कि पीएम का विजन कल्पनाशील मस्तिष्क, विकास की ललक, उसके लिए रोडमैप तैयार करना और उस पर पूरी ताकत से न केवल खुद चलना, बल्कि पूरे देश को चलाना। यह सचमुच में अद्भुत है वे एक नया भारत गढ़ रहे हैं।

CM Shivraj ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने आवाहन किया, सभी राज्य सरकारों से कहा है कि पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के साथ जुड़े, हम तत्काल पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के साथ जुड़ने का फैसला करते है और राज्य सरकार के नाते मैं यह महसूस करता हूं कि विकास के इस महाअभियान में मध्यप्रदेश पूरी ताकत से जुटे!

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13 अक्टूबर को शुरू की गई इस योजना में एक केंद्रीकृत पोर्टल की परिकल्पना की गई है जिसमें 16 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सभी मौजूदा और नियोजित बुनियादी ढांचे की पहल शामिल है। नतीजतन, हर विभाग को अब एक-दूसरे की गतिविधियों की दृश्यता होगी, परियोजनाओं की योजना बनाते और व्यापक तरीके से क्रियान्वित करते समय महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करना।

मोदी ने कहा कि हम भारत के विकास के अगले 25 वर्षों की नींव रख रहे हैं। राष्ट्रीय मास्टर प्लान 21वीं सदी के भारत को गति और दिशा देगा। भारत के लोग – उद्यमी, उद्योगपति, निर्माता, किसान और युवा इस मेगा के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर योजना के परिणामस्वरूप, भूमि अधिग्रहण से लेकर कार्यान्वयन, स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के सरकारी निकायों और कॉरपोरेट्स के बीच संपर्क से लेकर बुनियादी ढांचे के निर्माण की पूरी प्रक्रिया के सुव्यवस्थित होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री ने शुरुआत में 75वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने भाषण में गतिशक्ति की घोषणा की थी। यह तर्क देते हुए कि भारत में बुनियादी ढांचे का निर्माण कई मुद्दों से दशकों से प्रभावित है, मोदी सरकार एक प्रमुख कारण के रूप में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की एक बड़ी कमी की ओर इशारा कर रही है।