कर्मचारियों को लेकर शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, 38 विभागों ने सौंपी जानकारी

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट मध्यप्रदेश (MP) में शिवराज सरकार (Shivraj government) ने कर्मचारियों (employees) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। दरअसल सरकार ने जातिगत जनगणना से इनकार किया है। इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग (Department of General Adminstration) के अपर मुख्य सचिव (ACS) द्वारा प्रदेश के 52 विभाग के रिक्त पदों की जानकारी मांगी गई है। वहीं सरकार का कहना है कि कर्मचारियों की जातिगत जनगणना नहीं की जाएगी।

दरअसल सामान्य प्रशासन विभाग ने 52 विभागों से Backlog की जानकारी मांगी थी। जिनमें से 38 विभागों द्वारा जानकारी उपलब्ध कराई गई है। वहीं शेष विभागों से भी जल्द जानकारी भेजने को कहा गया है। इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव विनोद कुमार (Vinod Kumar) का कहना है कि विभागों से अभी तक आई जानकारी के मुताबिक प्रदेश में कर्मचारियों के 1 लाख 15 हजार 756 पद रिक्त हैं।

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मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में कर्मचारियों की वर्ग वर्ग संख्या सुप्रीम कोर्ट में उपलब्ध करानी है। हालांकि सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से 3 सितंबर को जानकारी मांगी थी। जिसे 20 सितंबर तक पूरा करना था। वहीं अब तक केवल 38 विभागों की ही जानकारी सामने आई है।

आई जानकारी के मुताबिक प्रथम श्रेणी के कर्मचारियों के 4,444 पद स्वीकृत हैं। जिनमें से 2,431 पद रिक्त हैं। जबकि द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों में स्वीकृत पदों की संख्या 82930 है। इनमें से 55036 पद खाली पड़े हैं। वहीं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के 2 लाख 91 हजार 405 पद स्वीकृत है, जिनमें से 48257 पद रिक्त पड़े हैं। जो कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 36665 पद स्वीकृत किए गए हैं। वहीं इनमें से 10032 पद रिक्त पड़े हैं।

बता दें कि मध्य प्रदेश में कुल 4 लाख 14 हजार 444 पद स्वीकृत किए गए हैं। जिनमें से 1 लाख 15 हजार 756 पद रिक्त हैं। जिस पर बोलते हुए अपर मुख्य सचिव विनोद कुमार का कहना है कि हर साल यह प्रक्रिया पूरी की जाती है और इसकी जानकारी मंगाई जाती है। इसी आधार पर ब्लॉक के पदों को भरा जाता है।