मप्र के किसानों के लिए शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, 25 लाख से अधिक को मिलेगा लाभ

सरकार कृषि लागत घटाने के लिए किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से 0 प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि कृषि ऋण उपलब्ध कराती है। पिछले साल 14,500 करोड़ रुपये का ऋण खरीफ और रबी फसलों के लिए 25 लाख से अधिक किसानों को दिया गया था।

कृषि मंत्री

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। शिवराज सरकार (Shivraj government) ने प्रदेश के किसानों (farmers) के लिए बड़ी घोषणा की है। दरअसल किसानों के द्वारा खरीफ फसल के लिए लिए जाने वाले ऋण को चुकाने की तिथि 30 जून कर दी गई है। किसानों को 0% ब्याज दर पर सहकारी बैंक लोन देते है। अब प्रदेश की प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (primary agricultural cooperatives) से लोन (loan) लेने वाले 25 लाख से ज्यादा किसान डिफाल्टर (defaulter) नहीं होंगे। इसके लिए सरकार ने ऋण अदायगी की अवधि बढ़ा दी है।

इसके अलावा किसानों पर ब्याज (interest on farmers) का बोझ न आए। इसके लिए सरकार ने अतिरिक्त ब्याज अनुदान (additional interest subsidy) देने का फैसला किया है। कोरोनाकाल में पहले से परेशान चल रहे किसानों को 0 प्रतिशत ब्याज योजना का लाभ मिलता रहे। इसलिए यह कदम उठाया गया है। इस बार नौ हजार करोड़ रुपये से अधिक ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले साल करीब 14,500 करोड़ रुपये का ऋण खरीफ और रबी फसलों के लिए 25 लाख से ज्यादा किसानों को दिया गया था।

बता दें कि प्रदेश की शिवराज सरकार ने इस बार खरीफ फसलों के लिए 9000 करोड रुपए से ज्यादा का ऋण देने का लक्ष्य तय किया है। सीएम शिवराज (CM Shivraj) ने सहकारिता विभाग को निर्देश दिए हैं कि किसानों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आना चाहिए। इसके तहत करीब 50 करोड़ रुपये सहकारी बैंकों को दिए जाएंगे। साथ ही किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी के लिए खाद-बीज के साथ अन्य तैयारियों के लिए पात्रता अनुसार ऋण भी मिलेगा।

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मध्य प्रदेश सरकार किसानों को 0% राशि पर सहकारी बैंकों के माध्यम से साल में दो बार उपलब्ध कराती है। यह ऋण राशि प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को दी जाती है।खरीफ फसल के लिए इसे चुकाने की तिथि 30 अप्रैल रहती है। वहीं कोरोना काल की वजह से किसान खरीफ का ऋण नहीं चुका पाए। कोरोना संकट को देखते हुए शिवराज सरकार ने यह फैसला लिया था कि 30 अप्रैल की बजाय यह तिथि 31 मई कर दी जाए लेकिन संकट के लगातार बरकरार रहने के चलते इसे एक बार फिर 15 जून तक के लिए जारी कर दिया गया।

इसी बीच 19 मई को NABARD ने एक पत्र जारी किया कि भारत सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण जो लॉकडाउन लगाया गया है। उसमें लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और किसान अपने बकाया अल्पकालीन फसल ऋणो के भुगतान में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। NABARD ने सिफारिश की थी कि किसानों को राहत देने के लिए ऋण चुकाने की राशि 30 जून कर दी जाए। इसी के चलते शिवराज सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अल्पावधि फसल ऋण की खरीफ फसल हेतु ड्यू डेट जो पहले 15 जून की गई थी अब उसे 30 जून 2021 कर दिया जाए। हालांकि, अवधि बढ़ने के बाद सहकारी समितियों को जो अतिरिक्त ब्याज सहकारी बैंकों को देना होगा, उसकी वसूली किसानों से नहीं होगी।