कलेक्टर की सख्ती, बिना अनुमति जुलूस, धरना-प्रदर्शन करने पर लगा प्रतिबंध, आदेश जारी

Collector Order: इसके साथ ही सार्वजनिक भवनों, खम्बों एवं सड़कों के आसपास झण्डे, बेनर, पोस्टर्स लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

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खंडवा, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में नए वेरिएंट (New varient), कोरोना (corona) के नए मामले सहित लगातार जुलूस और धरना प्रदर्शन के आयोजनों पर अब सख्ती दिखाई है। दरअसल जिला कलेक्टर (collector) ने आदेश जारी करते हुए प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत आदेश जारी किया है। जिसमें धरना प्रदर्शन और जुलूस जैसे कार्यक्रमों के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब बिना अनुमति के जिले में धरना प्रदर्शन हुए जुलूस कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जा सकेगा।

अपर जिला दण्डाधिकारी एस.एल. सिंघाड़े ने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत आदेश जारी कर जिले में बिना अनुमति के धरना, प्रदर्शन व जुलूस कार्यक्रमों के आयोजनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब जिले के खण्डवा शहर के साथ साथ हरसूद, पंधाना, मूंदी और ओंकारेश्वर नगरों की सीमा के भीतर कोई भी जुलूस बिना अनुमति के नहीं निकाला जा सकेगा।

इसके साथ ही सार्वजनिक भवनों, खम्बों एवं सड़कों के आसपास झण्डे, बेनर, पोस्टर्स लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। रैली में शामिल वाहनों में ओवर लोडिंग की अनुमति नही दी जायेगी तथा इस तरह के कार्यक्रमों की वीडियों ग्राफी भी अनिवार्यतः करानी होगी। जुलूस आयोजकों को अपने जुलूस की वीडियोग्राफी की व्यवस्था भी कराना होगी। यह वीडियोग्राफी पुलिस विभाग के निर्देशन में सम्पन्न होगी, जिसका व्यय जुलूस आयोजक को उठाना होगा।

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रैली, जुलूस के आयोजकों को आवेदन में अपना मोबाईल नम्बर, फोटोग्राफ तथा रैली में शामिल होने वाले व्यक्तियों की संख्या भी देना होगी। रैली व जुलूस की अनुमति से पूर्व आयोजकों को शामिल होने वाले दो पहिया व चार पहिया वाहनों की संख्या की जानकारी भी देना होगी। प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए भी अनुमति लेना होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग रात्रि 10 बजे के बाद करने की अनुमति नही दी जायेगी।

नगरीय क्षेत्रों में यह सुनिश्चित किया जायेगा कि इन कार्यक्रमों से जन सामान्य को आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। किसी भी आयोजन से कम से कम 15 दिन पूर्व इसकी अनुमति के लिए आवेदन दिया जाना अनिवार्य होगा। जारी आदेश के अनुसार आयोजको की यह जिम्मेदारी होगी कि वे जुलूस या रैली के दौरान मार्ग से निकलने वाले एम्बूलेंस, फायर ब्रिगेड शासकीय वाहनों को मार्ग देकर वाहनों को निकालने में सहयोग करेंगे।