Tokyo Paralympics 2020: भारत को मिला पहला Silver, Bhavina Patel ने रचा इतिहास

फाइनल में हार के बावजूद Bhavina patel ने पैरालंपिक खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश करने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रच दिया।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। टोक्यो ओलिंपिक (tokyo olympic)  की समाप्ति हो गई है। वहीँ टोक्यो पैरालिंपिक (tokyo paralympic) की शुरुआत भारत (India) के लिए अच्छी रही है। भारत की पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भावनाबेन हसमुखभाई पटेल (bhavina patel) ने रविवार को यहां टोक्यो मेट्रोपॉलिटन जिमनैजियम टेबल 6 में महिला एकल – कक्षा 4 में चीन की झोउ यिंग से स्वर्ण पदक मैच में 3-0 से हारकर रजत पदक (silver medal) अपने नाम कर लिया है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने पैरा-पैडलर भाविना पटेल को पदक जितने पर बधाई दी है।

34 वर्षीय भाविना पटेल ने टोक्यो पैरालिंपिक में स्वर्ण पदक मैच में चीन की वर्ल्ड नंबर 1 झोउ यिंग से हारने के बाद रविवार को महिला टेबल टेनिस सी 4 श्रेणी में रजत पदक जीता। यह इस आयोजन में भारत का पहला पदक है। वहीँ भाविना की जीत पर पीएम मोदी (PM Modi) ने एक ट्वीट में कहा उल्लेखनीय भाविना पटेल ने इतिहास लिखा है। वह एक ऐतिहासिक जीत्त में रजत पदक घर ले आई हैं। इसके लिए उन्हें बधाई। उनकी जीवन यात्रा युवाओं को प्रेरित करेंगी और खेल के प्रति अधिक भी आकर्षित करेगी।

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बता दें कि रविवार को स्वर्ण पदक के लिए हुए मुकाबले में दुनिया की नंबर एक झोउ यिंग ने भाविना पटेल को सीधे सेटों में 3-0 (11-7, 11-5, 11-6) से केवल 19 मिनट में हरा दिया। इस रजत पदक के साथ भाविना खेलों के इस Paralympics में भारत के लिए पहली पदक विजेता बनीं।

बता दें कि मैच की शुरुआत काफी मजबूती से हुई क्योंकि दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे के संपर्क में लयबद्ध रहते हुए अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन जल्द ही चीनी खिलाड़ी ने अपने तेज फोरहैंड से भाविना को सेट 11-7 से जीत लिया।दूसरा सेट फिर से झोउ ने शानदार खेल दिखाया और खेल पर पूरा प्रभार लेते हुए द्वितीय चरण 11-5 से सेट जीत लिया। भाविना, झोउ को कोई बड़ी चुनौती देने में विफल रही।

हालांकि तीसरे सेट की शुरुआत करते हुए भाविना ने दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी के खिलाफ कुछ जमीन हासिल करने की कोशिश की। 5-5 के स्कोर के साथ, झोउ ने फिर से अपना उम्दा प्रदर्शन दिखाया और अगले 6 अंक बहुत आसानी से हासिल करने में सफल रही जबकि भाविना ने सिर्फ एक अंक हासिल किया। फाइनल में हार के बावजूद भाविना ने पैरालंपिक खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश करने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रच दिया।