12572 ग्राम पंचायतों ने स्वयं लगाया जनता कर्फ्यू, सीएम शिवराज सिंह बोले- अन्य भी लागू करें

सीएम शिवराज सिंह

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में तेजी से बढ़ते कोरोना को देखते हुए 52 जिलों की 12 हजार 572 ग्राम पंचायतों ने स्वयं कोरोना कर्फ्यू लगाया है। इसकी जानकारी खुद सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने दी है।सीएम शिवराज सिंह ने बताया कि संक्रमण की चेन तोड़ने में Corona Curfew प्रभावी रहा है। प्रदेश की 12 हजार 572 ग्राम पंचायतों में स्व-प्रेरणा से कर्फ्यू लागू करने का संकल्प लिया गया है। यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्रों में 30 अप्रैल तक कोरोना कर्फ्यू का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और अन्य पंचायतें भी अपने क्षेत्रों में स्व-प्रेरणा से कोरोना कर्फ्यू लागू करें।

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बैठक में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश को मिलने वाले ऑक्सीजन टैंकरों को लगातार ट्रेक किया जाए। प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों से मिल सकने वाली संभावनाओं को तलाशें और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की उपलब्धता को भी बढ़ाएँ। केन्द्र सरकार से ऑक्सीजन आपूर्ति के संबंध में निरंतर समन्वय जारी है। जिलों में अगले 24 घंटे की ऑक्सीजन की आवश्यकता का आंकलन कर व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाए। कोरोना से प्रभावित व्यक्तियों का इलाज कर रहे सभी छोटे-बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन के उपयोग और आपूर्ति की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों को दायित्व सौंपा जाए।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि टेस्टिंग में कमी नहीं आए और सर्दी, खाँसी, जुकाम से प्रभावित सभी लोगों को मेडिकल किट उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से निरंतर संवाद, उन्हें मेडिकल किट उपलब्ध कराने और आवश्यकतानुसार मेडिकल सलाह उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कोविड केयर सेंटरों में इस प्रकार की व्यवस्था विकसित की जाए कि कम लक्षण वाले मरीजों के लिए यह सेंटर अस्पताल के विकल्प के रूप में कार्य कर सकें। कोविड केयर सेंटरों में आवश्यक व्यवस्थाएँ विकसित कर उनकी विश्वसनीयता बढ़ाना भी आवश्यक है।

इन जिलों की ग्राम पंचायतों में जनता कर्फ्यू

भोपाल जिले की 187 ग्राम पंचायतें, आगर-मालवा की 212, विदिशा की 534, देवास की 450, उमरिया की 209, बालाघाट की 614, भिण्ड की 392, रतलाम की 353, उज्जैन की 514, होशंगाबाद की 351, राजगढ़ की 511, जबलपुर की 420, गुना की 335, इंदौर की 245, ग्वालियर की 200, कटनी की 303, नीमच 173, अलीराजपुर की 211, रायसेन की 344, धार की 527, बैतूल की 377, सिवनी की 436, दमोह की 306, सीहोर की 318, शहडोल की 225, टीकमगढ़ की 256, छतरपुर की 294, हरदा की 109, मंदसौर की 224, दतिया की 141, अशोकनगर की 146, मण्डला की 197, शाजापुर की 124, छिंदवाड़ा की 282, अनूपपुर की 97, नरसिंहपुर की 147, सीधी की 126, झाबुआ की 117, रीवा की 257, पन्ना की 120, बुरहानपुर की 50, डिण्डोरी की 104, सागर की 215, शिवपुरी की 170, मुरैना की 124, श्योपुर की 52, सिंगरौली की 72, सतना की 145, खरगोन की 117, खण्डवा की 80 और बड़वानी जिले की 59 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

बुरहानपुर में कोरोना योद्धा सेल गठित

सीएम शिवराज सिंह ने बुरहानपुर में कोरोना योद्धाओं की मदद के लिए आरंभ किए गए जिला कोरोना योद्धा सेल के नवाचार की प्रशंसा की। यह केन्द्र शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों तथा उनके परिजनों के कोविड संक्रमित होने पर उनके इलाज में मदद करेगा। यहाँ से बेड तथा जीवन-रक्षक दवाओं की उपलब्धता, टेस्टिंग और अन्य सहायता भी उपलब्ध होगी।होम आयसोलेशन की प्रभावशीलता के आंकलन के लिए यह अध्ययन कराया जाए कि कितने व्यक्ति होम आयसोलेशन में स्वस्थ हुए और कितने मरीजों को होम आयसोलेशन से अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा।

छिंदवाड़ा में संक्रमण नियंत्रण के लिए कार्रवाई

सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि छिंदवाड़ा में संक्रमण नियंत्रण के लिए टेस्टिंग बढ़ाने के साथ टेस्ट रिपोर्ट जल्दी प्राप्त करने की व्यवस्था करते हुए संक्रमित क्षेत्रों को रेड, ऑरेंज, ग्रीन कंटेनमेंट जोन बनाकर संक्रमण नियंत्रण की प्रभावी कार्रवाई की गई है। इस प्रकार की कार्यवाहियाँ अन्य अधिक संक्रमित जिलों में भी की जाना चाहिए।वही  प्रदेश में आज 12 हजार 338 पॉजिटिव केस दर्ज हुए हैं। यह कल की तुलना में 850 कम है। इसी प्रकार आज 9,620 व्यक्ति स्वस्थ हुए। प्रदेश की पॉजिटिविटी दर 23.6 प्रतिशत बनी हुई है।

इन जिलों में करवाया गया सर्वे

अलीराजपुर में 168, बड़वानी में 323, बैतूल में 432, छिंदवाड़ा में 331, झाबुआ में 308 और खरगोन में 471 टीमों द्वारा गाँव-गाँव सर्वे किया गया। अब इस अभियान के अंतर्गत जिस भी विकासखंड में कोरोना के पॉजिटिव प्रकरण या सर्दी, खाँसी, जुकाम से प्रभावित अधिक व्यक्ति होंगे, वहाँ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा सर्वे किया जाएगा और प्रभावित लोगों को मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाएगी।