MP : 35 लाख किसानों के खाते में 1600 करोड़ ट्रांसफर, किसान आंदोलन पर तोड़ी PM मोदी ने चुप्पी

पीएम मोदी ने कहा कि जिनकी अपनी राजनीतिक जमीन चली गई है, वे ही भ्रमित कर रहे हैं कि किसानों की जमीन चली जायेगी।

मोदी सरकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आज प्रदेश के 35.50 लाख किसानों के खातों में रु. 1,600 करोड़ की मदद सीधे पहुँच रही है। कोई बिचौलिया नहीं, कोई कमीशन नहीं, कोई कट नहीं, टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर लाभ सीधा किसानों को मिल रहा है।यह बातें आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रायसेन के किसान (Farmers) सम्मेलन में कही।

दरअसल, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) मध्यप्रदेश के रायसेन (Raisen) जिले में आयोजित किसान सम्मेलन में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से शामिल हुए।इस दौरान 35 लाख से ज्यादा किसानों के खाते में 16 सौ करोड़ रुपये राशि ट्रांसफर की गई। मोदी ने कहा कि जो नेता यह झूठ फैला रहे हैं, की किसानों की ज़मीन छीन ली जाएगी, उनके पैरों के तले राजनीतिक (Politics) ज़मीन पहले ही खिसक चुकी है।

पीएम मोदी ने कहा कि अभी 25 दिसंबर को, श्रद्धेय अटल जी की जन्मजयंती पर एक बार फिर मैं इस विषय पर और विस्तार से बात करूंगा।उस दिन पीएम किसान सम्मान निधि की एक और किस्त करोड़ों किसानों के बैंक खातों में एक साथ ट्रांसफर की जाएगी।

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पीएम मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मेहनती किसान भाइयों-बहनों को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम!  बीते समय में प्राकृतिक आपदा के कारण मध्यप्रदेश के किसानों (Farmers) का नुकसान हुआ। प्रदेश के ऐसे 35 लाख किसानों के खाते में 1600 करोड़ रुपये आज जमा किये जा रहे हैं। जो नेता यह झूठ फैला रहे हैं, की किसानों की ज़मीन छीन ली जाएगी, उनके पैरों के तले राजनीतिक (Politics) ज़मीन पहले ही खिसक चुकी है।

मोदी ने कहा किसान कितनी भी मेहनत कर ले लेकिन उसके उत्पाद का भंडारण सही तरीके से न हो तो उसे नुकसान होता है। यह किसान का नहीं, पूरे देश का नुकसान है। पहले इसे लेकर उदासीनता थी लेकिन अब हमारी सरकार की प्राथमिकता भंडारण के नए केंद्र बनाना है।।

पीएम ने कहा कि किसान आंदोलन (Farmers Protest) करते थे, प्रदर्शन करते थे लेकिन इन लोगों के पेट का पानी नहीं हिला।इन लोगों ने ये सुनिश्चित किया कि इनकी सरकार को किसान पर ज्यादा खर्च न करना पड़े।इनके लिए किसान देश की शान नहीं, इन्होंने अपनी राजनीति बढ़ाने के लिए किसान का इस्तेमाल किया है।

पीएम ने कहा कि किसानों की बातें करने वाले लोग कितने निर्दयी हैं इसका बहुत बड़ा सबूत है स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट।रिपोर्ट आई, लेकिन ये लोग स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को आठ साल तक दबाकर बैठे रहे। हर चुनाव से पहले ये लोग कर्जमाफी की बात करते हैं और कर्जमाफी कितनी होती है?सारे किसान इससे कवर हो जाते है क्या?जो छोटा किसान बैंक नहीं गया, जिसने कर्ज नहीं लिया, उसके बारे में इन लोगों ने क्या कभी एक बार भी सोचा है।

मोदी ने कहा किनए कानून के बाद एक भी मंडी बंद नहीं हुई है। फिर क्यों ये झूठ फैलाया जा रहा है?सच्चाई तो ये है कि हमारी सरकार APMC को आधुनिक बनाने पर, उनके कंप्यूटरीकरण पर 500 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है।फिर ये APMC बंद किए जाने की बात कहां से आ गई।नए कानून में हमने सिर्फ इतना कहा है कि किसान चाहे मंडी में बेचे या फिर बाहर, ये उसकी मर्जी होगी।अब जहां किसान को लाभ मिलेगा, वहां वो अपनी उपज बेचेगा

विपक्ष पर बरसे

पीएम मोदी ने कहा कि जिनकी अपनी राजनीतिक जमीन चली गई है, वे ही भ्रमित कर रहे हैं कि किसानों की जमीन चली जायेगी।स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट (Swaminathan Commission Report) जो पहले ही लागू हो जानी चाहिए थी, उसे वे 8 साल तक दबाये बैठे रहे, मैंने कदम उठाये, तो इन्हें दर्द हो रहा है। विपक्षी दलों के नेता जो कृषि कानून का विरोध कर रहे हैं, उनके मन में यह चल रहा है कि जो काम हम कहते थे लेकिन कभी करते नहीं थे, वह काम मोदी ने कैसे किया और क्यों किया।मैं तो केवल अपने किसान भाइयों का कल्याण चाहता हूँ।

राजनैतिक दलों के देखें घोषणा पत्र

मोदी ने कहा कि अगर आज देश के सभी राजनीतिक दलों के पुराने घोषणापत्र देखे जाएं, उनके पुराने बयान सुने जाएं, पहले जो देश की कृषि व्यवस्था संभाल रहे थे उनकी चिट्ठियां देखीं जाएं, तो आज जो कृषि (Agriculture) सुधार हुए हैं, वो उनसे अलग नहीं हैं।जबकि किसानों के लिए समर्पित हमारी सरकार किसानों को अन्नदाता मानती है।हमने फाइलों के ढेर में फेंक दी गई स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट बाहर निकाला और उसकी सिफारिशें लागू कीं, किसानों को लागत का डेढ़ गुना MSP दिया।

किसान पिछड़ नही सकता

मोदी ने कहा कि भारत का किसान आधुनिक सुविधाओं और टेक्नोलॉजी के अभाव में पिछड़ता जाये, यह स्थिति स्वीकार नहीं की जा सकती है। ऐसे प्रयासों को हमने बढ़ाने का काम किया है, जिस पर वर्षों से पिछली सरकारें केवल विचार-विमर्श करती रही हैं।भारत की कृषि और किसान अब और पिछड़ेपन में नहीं रह सकता। दुनियाभर में किसानों को आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध है, भारत के किसानों को भी वह मिलना चाहिए। अब इसमें और देर नहीं होना चाहिए। हमारी सरकार ने इसकी पहल की है।

देश के व्यापारियों औऱ उद्योपतियों से की ये अपील

मोदी ने कहा कि आज इस कार्यक्रम में भंडारण-कोल्ड स्टोरेज से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी हुआ है।ये बात सही है कि किसान कितनी भी मेहनत कर ले, लेकिन फल-सब्जियां-अनाज का अगर सही भंडारण न हो, सही तरीके से न हो, तो उसका बहुत बड़ा नुकसान होता है।मैं देश के व्यापारी जगत, उद्योग जगत से आग्रह करूंगा कि भंडारण की आधुनिक व्यवस्थाएं बनाने में, कोल्ड स्टोरेज बनाने में, फूड प्रोसेसिंग के नए उपक्रम लगाने में अपना योगदान, अपना निवेश और बढ़ाएं। ये सच्चे अर्थ में किसान की सेवा करना होगा, देश की सेवा करना होगा

किसानों को मांगना चाहिए जवाब

बीते कई दिनों से देश में किसानों के लिए जो नए कानून 2020 (Farms Bill 2020) बने, उनकी बहुत चर्चा है। ये कृषि सुधार कानून रातों-रात नहीं आए। पिछले 20-22 साल से हर सरकार ने इस पर व्यापक चर्चा की है। कम-अधिक सभी संगठनों ने इन पर विमर्श किया है।देश के किसान, किसानों के संगठन, कृषि एक्सपर्ट, कृषि अर्थशास्त्री, कृषि वैज्ञानिक, हमारे यहां के प्रोग्रेसिव किसान भी लगातार कृषि क्षेत्र में सुधार की मांग करते आए हैं।सचमुच में तो देश के किसानों को उन लोगों से जवाब मांगना चाहिए जो पहले अपने घोषणापत्रों में इन सुधारों की बात लिखते रहे, किसानों के वोट बटोरते रहे, लेकिन किया कुछ नहीं। सिर्फ इन मांगों को टालते रहे।और देश का किसान, इंतजार ही करता रहा