कर्मचारियों की बड़ी तैयारी, पुरानी पेंशन-महंगाई भत्ते और वेतन विसंगति की मांग, 8 दिसंबर को बड़ा आंदोलन

Old Pension Scheme 2022 : राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब और झारखंड में पुरानी पेंशन योजना लागू करने के बाद देशभर में इसकी बहाली की मांग दिनों दिन तेज होती जा रही है। अब पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर 8 दिसंबर को अखिल भारतीय कर्मचारी संघ के बैनर तले दिल्ली में आंदोलन होने वाला है, खास बात तो ये है कि मध्य प्रदेश के कर्मचारी भी शामिल होने जा रहे है। इसमें वेतन विसंगति, महंगाई भत्ता और नियुक्ति समेत कई मांगे भी शामिल है।

अखिल भारतीय कर्मचारी संघ के आह्वान पर दिल्ली में धरना दिया जाएगा। इसमें एमपी के कई कर्मचारी संगठन हिस्सा लेंगे। वहीं प्रमुख मांगों को लेकर आगामी जनवरी 2023 में अन्य कर्मचारी संघ को साथ लेकर अन्य संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी ने बताया कि दिल्ली में होने वाले आंदोलन को लेकर कर्मचारी संघ के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों की मीटिंग हुई। जिसमें आंदोलन को लेकर रणनीति बनाई गई है।

बता दे कि बीते दिनों अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के बैनर तले मुंबई में एक बड़ी बैठक हुई थी, इस बैठक में मांगों को लेकर रणनीति तय की गई है और पुरानी पेंशन बहाली महंगाई भत्ता सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महंगाई राहत एवं अन्य भत्ते सभी राज्यों में केंद्र के समान देने संविदा नियुक्ति आउट सोर्स प्रथा बंद करने स्थाई कर्मियों को नियमित करने सहित अन्य 21 सूत्री मांगों पर चर्चा की गई थी। 8 दिसंबर को मांगों को लेकर तालकटोरा स्टेडियम दिल्ली में पूरे भारत से कर्मचारी संघ के पदाधिकारी एकत्रित होंगे।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

  • पुरानी पेंशन बहाली लागू हो।
  • लिपिकों की वेतन विसंगति दूर की जाए
  • सीपीसीटी परीक्षा खत्म की जाए
  • परिवीक्षा अवधि पूर्व की भांति रखी जाए
  • पेंशन हेतु अधिवार्षिकी आयु 33 वर्ष की जगह हेतु 25 वर्ष करें।
  • केंद्र के समान केंद्रीय तिथि से कार्यरत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को महंगाई भत्ता से राहत दें।
  • रिक्त पदों की भर्ती पर संविदा स्थाईकर्मियों को नियमित करें।
  • कोरोना काल का 18 महीने का बकाया मंहगाई भत्ता/मंहगाई राहत का एरियर दिया जाए।
  • आउट सोर्स प्रथा बंद हो।
  • सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संविदा नियुक्ति न दी जाए।
  • अध्यापक,अतिथि शिक्षक और गुरुजियों की मांग लंबित मांगों को पूरा करें।
  • वाहन, मकान भाड़ा भत्ता बढ़ाया जाए।