नाराज ज्ञान सिंह को शिवराज से मिला आश्वासन, शहडोल सीट पर फिर से विचार करेगी भाजपा

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भोपाल| भाजपा में असतंतुष्ट नेताओं को साधना भारी पड़ रहा है| पांच बार विधायक और तीसरी बार सांसद बने भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान सिंह के निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद भाजपा में भूचाल आ गया है। नेता लगातार सिंह को मनाने में जुटे है, लेकिन अबतक उनकी नाराजगी दूर नही हो पाई है, जिसके चलते अब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को उन्हें मनाने का जिम्मा सौंपा गया है, शिवराज ने ज्ञान सिंह से बातकर उन्हें पुर्नविचार करने का आश्नासन दिया है। वही पार्टी, संगठन और संघ द्वारा विधायक बेटे शिवनारायण सिंह पर भी पिता को मनाने का दबाव बनाया जा रहा है।

दरअसल,  बीजेपी द्वारा इस बार कई सांसदों के टिकट काटे गए है। जिसमें शहडोल से वर्तमान सांसद ज्ञान सिंह भी शामिल है। उनकी जगह कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुईं हिमाद्री सिंह को टिकट दिया है, जिसके बाद से ही वे नाराज चल रहे है।  ज्ञान सिंह को इस बात का भी मलाल है कि जिस हिमाद्री सिंह को उन्होंने हराया उसी को टिकट देकर उनका टिकट काट दिया गया। वही हाल ही में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर पार्टी की नींद उड़ा दी है। नेताओं द्वारा लगातार उन्हें मनाने की कोशिश की गई, लेकिन वे नही माने। इसके बाद डैमेज कंट्रोल करने के लिए भाजपा ने सांसद ज्ञान सिंह से बात करने का जिम्मा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को सौंपा था। पहले नाराज ज्ञान सिंह ने उनका फोन नहीं उठाया। बाद में शिवराज और सांसद ज्ञान सिंह की विस्तार से बात हुई है। इस बात की पुष्टि खुद सांसद ज्ञान सिंह के विधायक बेटे शिवनारायण सिंह ने की है। उन्होंने कहा कि शिवराज ने दिल्ली में पुनर्विचार के लिए बात करने का आश्वासन दिया है। जल्द ही इस पर विचार किया जाएगा। वही पार्टी, संगठन और संघ ने ज्ञान सिंह के विधायक बेटे शिवनारायण सिंह पर भी पिता को मनाने का दबाव बनाया है।

ज्ञान सिंह ने पूछा- किस आधार पर काटी मेरी टिकट

बांधवगढ़ से भाजपा विधायक शिवनारायण सिंह ने कहा कि मेरे पिता की पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात हुई है। पिता ने अपनी बात उनके समक्ष रखी है और यह भी उनसे पूछा है कि किस आधार पर मेरी टिकट काटकर कांग्रेस में रही हिमाद्री सिंह को दे दी गई। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आश्वासन दिया है कि वे इस मसले को लेकर दिल्ली ��ात करेंगे और शहडोल संसदीय सीट से भाजपा उम्मीदवार के चयन पर पुनर्विचार करने की मांग केंद्रीय चुनाव समिति से करेंगे। दो से तीन दिन में तस्वीर साफ हो जाएगी।