मप्र पंचायत चुनाव: इसी महीने तारीखों का ऐलान संभव! आरक्षण का काम भी जल्द, ये निर्देश जारी

वही अब सिर्फ जिला पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण होना बाकी है, जो पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अगले सप्ताह कर सकता है।

पंचायत चुनावों

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। उपचुनाव के बाद अब मप्र पंचायत चुनावों को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही है। संभावना जताई जा रही है नवंबर में कभी भी आचार संहिता (Code of conduct) लग सकती है और दिसंबर में मतदान कराए जा सकते है। इसी कड़ी में आज सोमवार राज्‍य निर्वाचन आयोग ने विशेष बैठक बुलाई है, जिसमें वोटिंग के लिए सेक्टर और जोनल अधिकारियों की नियुक्ति, विशेष कार्यपालिक दंडाधिकारी की शक्तियां  और मतदान केंद्रों की जगह बदलने को लेकर प्रस्‍ताव पर चर्चा की जाएगी। वही अगले सप्ताह यानि 12 नवंबर को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के आरक्षण की प्रक्रिया भी हो सकती है।

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दरअसल, इस बार पंचायत चुनाव (MP Panchayat Election 2021)  तीन चरणों में कराए जाएंगे।इसके लिए जिले वार अधिकारियों कर्मचारियों की नियुक्ति का सिलसिला जारी है। वही कलेक्टरों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश जारी किए जा चुके है। जिला पंचायत और जनपद पंचायत के चुनाव ईवीएम (EVM) और सरपंच व पंच के चुनाव मत पत्रों से किए जाएंगे। सभी जिला कलेक्‍टरों (Collectors) से मार्च 2022 तक रिक्त पंचायतों के स्थानों की जानकारी ले ली गई है। इसके तहत सभी विभागों को जिले में 4 साल की अवध‍ि में 3 वर्ष से एक स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

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वही अब सिर्फ जिला पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण होना बाकी है, जो पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अगले सप्ताह कर सकता है।इसको लेकर आयोग (Election commission 2021) ने पहले ही निर्देश दे दिए है।संभावना जताई जा रही है कि आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही आयोग कभी भी चुनावों की तारीखों की घोषणा कर सकता है और आचार संहिता लग सकती है।इधर  नगरीय निकाय चुनाव के आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में विचाराधीन है। हाईकोर्ट में चुनाव कराने संबंधी याचिका लंबित है, जिस पर आज 8 नवंबर को सुनवाई प्रस्तावित है।

बिना आयोग की सहमति के नहीं होंगे ट्रांसफर

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश किए गए हैं कि चुनाव कार्य संपन्न होने तक जिलो के प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स का स्थानांतरण (MP Transfer 2021) आयोग की सहमति के बिना नहीं किये जाएं। यदि किसी कारणवश स्थानांतरण किया जाना अत्यंत आवश्यक है, तो स्थानांतरण के पूर्व आयोग की सहमति अवश्य प्राप्त की जाए।बता दे कि निर्वाचन कार्य में संलग्न किए जाने वाले मैदान स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्वाचन के विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण देने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग (mp school education department) के प्राध्यापकों, सहायक प्राध्यापकों को मास्टर ट्रेनर्स नियुक्त किया जाकर व्यापक एवं विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

ये निर्देश भी किए गए है जारी

  • पंचायत चुनाव 2020-21 के मतदान दल गठन के लिए ऑनलाइन पोर्टल EPDS पर जनवरी 2021 की स्थिति में जिला अधिकारी अपने-अपने अधिनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों की जानकारी अद्यतन कर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • निकट भविष्य में पंचायत चुनाव 2020-21 एवं नगरीय निकाय निर्वाचन 2020-21 को द्रष्टिगत रखते हुये पूर्व में अधिनस्थ कार्यालयों में पदस्थ समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों (Employees) की अद्यतन जानकारी दर्ज किया जाना है। इसे पूर्व सभी कार्यालय प्रमुखों को उपलब्ध कराये गये यूजर आईडी एवं पासवर्ड का उपयोग कर जानकारी अद्यतन की जानी है।
  • यदि किसी विभाग को यूजर पासवर्ड संबंधी समस्या हो तो पत्र के साथ सलग्न सूची में दर्ज कार्यालय कोड और अपने कार्यालय का नाम लिख कर mpseh@nic.in पर ईमेल कर यूजर आईडी एवं पासवर्ड प्राप्त कर सकते हैं।
  • इसके अलावा पंचायत चुनाव के आम निर्वाचन में मतदान केन्द्रों के भवन अथवा नाम परिवर्तन किए जाने के लिए ऑनलाईन कंट्रोल टेबल खोलने की अनुमति महाप्रबंधक MPSEDC भोपाल को प्रदाय कर निर्देशित किया गया है। जिसके तहत रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एमपीएसईडीसी भोपाल से तत्काल संपर्क स्थापित कर उक्त कार्यवाही सम्पन्न किया जाना सुनिश्चित करेंगे।
  • इससे संबधित अनुविभागीय अधिकारी एवं रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा तहसीलदारों को निर्देश दिए है कि 8 नवम्बर को प्रातः 9 बजे संबंधित तहसीलदार मय सहायक प्रबंधक ई-गवर्नेंस एवं डाटा एन्ट्री ऑपरेटर सहित स्थानीय निर्वाचन कार्यालय शिवपुरी पर अनिवार्य रूप से उक्त कार्य त्रुटि सहित सम्पन्न कराना सुनिश्चित करें।
  •  ऑनलाईन नामनिर्देशन (OLIN) अभ्यर्थियों के लिए अतिरिक्त सुविधा रहेगी।आयोग द्वारा OLIN सुविधा केन्द्र की स्थापना, प्रशिक्षण व्यवस्था, अभ्यर्थी द्वारा की जाने वाली कार्यवाहियां एवं रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा की जाने वाली कार्यवाही के संबंध में आवश्यक निर्देशों का समय-सीमा में पालन करना सुनिश्चित करें।