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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। एक तरफ कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में कक्षा 1 से 8वीं तक के स्कूलों (School) को 31 मार्च 2021 तक ना खोलने का फैसला किया है, वही दूसरी तरफ स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) ने शासकीय शालाओं में कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों (Student) का मूल्यांकन वर्कशीट के आधार पर करने का निर्णय लिया गया है।इसके आधार पर उनका अर्धवार्षिक एवं वार्षिक मूल्यांकन किया जाएगा। विद्यार्थियों का अर्धवार्षिक मूल्यांकन जनवरी माह में एवं वार्षिक मूल्यांकन फरवरी एवं मार्च में किया जाएगा। इसके लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने नए निर्देश जारी कर दिए हैं।

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दरअसल, एमपी बोर्ड (MP Board) या मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल  (MPBSE- Madhya Pradesh Board of Secondary Education )से संबद्ध सभी शासकीय स्कूल में शिक्षण सत्र 2020 -21 में कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों (Student) के अर्धवार्षिक मूल्यांकन (प्रतिभा पर्व) एवं वार्षिक मूल्यांकन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कक्षा पहली एवं दूसरी के बच्चों को स्कूल से ही अभ्यास पुस्तिका दी जाएगी जिसके अंत में वर्कशीट होगी। इसमें हिंदी, अंग्रेजी एवं गणित विषय के प्रश्न होंगे।

इसके अलावा कक्षा तीसरी से आठवीं तक के बच्चों को दी जाने वाली वर्कशीट में कौशल आधारित प्रश्न और प्रोजेक्ट वर्क होगा। वर्कशीट में ही प्रश्नों के उत्तर और प्रोजेक्ट वर्क लिखने के लिए स्थान रहेगा। वर्कशीट में 60 प्रतिशत लिखित एवं 40 प्रतिशत अंक प्रोजेक्ट कार्य के आधार पर दिए जाएंगे। प्रोजेक्ट वर्क में छात्रों से कोई मॉडल नहीं बनवाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट वर्क घर में उपलब्ध रोजमर्रा की सामग्री के आधार पर या घर के सदस्यों से पूछ कर पूरे किए जा सकेंगे।

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विद्यार्थियों का अर्धवार्षिक मूल्यांकन 20 से 30 जनवरी के मध्य एवं वार्षिक मूल्यांकन 15 से 28 फरवरी और 10 से 20 मार्च के बीच किया जाएगा। परीक्षाफल का निर्धारण अर्धवार्षिक एवं वार्षिक परीक्षा (Half Yearly and Annual Examination) में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। “हमारा घर-हमारा विद्यालय” अंतर्गत शिक्षक विद्यार्थियों के सह-शैक्षिक एवं व्यक्तिगत सामाजिक गुणों का मूल्यांकन कर ग्रेड का निर्धारण करेंगे। इन परीक्षाओं का संचालन करते हुए कोविड-19 संक्रमण से बचाव के नियत सुरक्षा मापदंडों और गाइडलाइन का पालन किया जाएगा।

गौरतलब है कि कोविड-19 के चलते मार्च से कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के स्कूल बंद है, हालांकि ऑनलाइन, रेडियो कार्यक्रम, हमारा घर-हमारा विद्यालय, डीजीलेप आदि माध्यमों से बच्चों की पढ़ाई करवाई जा रही है, लेकिन दस महिने बीतने के बावजूद कोरोना का असर कम होने का नाम नही ले रहा है, ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश पर राज्य शिक्षा केंद्र ने पढ़ाई की तर्ज पर बच्चों का मूल्यांकन भी उनके घर पर करने का निर्णय लिया है।