विधानसभा सत्र: कर्जमाफी, हत्या, अपहरण के मुद्दों से गूंजेगा सदन

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भोपाल। मप्र विधानसभा का बजट सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं। 15 साल बाद विपक्ष में बैठी भाजपा पहले की तरह इस बार भी हत्या और अपहरण के मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी करेगी। साथ ही किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे को भी जोर-शोर से उठाया जाएगा। इसको लेकर भाजपा विधायक दल की बैठक में रणनीति तय की गई है। वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी कांग्रेस विधायक दल की बैठक में साफ़ कर दिया है कि विधानसभा में शुरुआत से ही भाजपा पर आक्रामक रहना है| कमलनाथ ने प्रत्येक विधायक को पूरे समय सदन में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं|  मध्यप्रदेश विधानसभा में आज से बजट सत्र शुरू हो गया है| पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद विधानसभा की कार्रवाई स्थगित हो गई है। कमलनाथ सरकार के वित्तमंत्री तरुण भानोत लेखानुदान पेश करेंगे। सभी की निगाहें कांग्रेस सरकार के इस पहले बजट पर है। सोमवार को पेश होने वाला लेखानुदान अब 20 फरवरी को पेश किया जाएगा। 

यूं तो मप्र विधानसभा में अपहरण के मुद्दे खूब उठते रहे हैं। कांग्रेस की तत्कालीन सरकारों के समय विपक्ष के पास सबसे बड़ा मुद्दा डकैत और अपहरण ही हुआ करता था। लेकिन पिछले एक दशक के भीतर मप्र में डकैतों के सफाए के साथ अपहरण की वारदातों में कमी आई। जिसकी वजह से विधानसभा में अपहरण का मुद्दा लंबे समय से नहीं उठा। पिछले दो महीने के भीतर प्रदेश में करीब डेढ़ दर्जन अपहरण की वारदतों को अंजाम दिया जा चुका है, जिसमें से चित्रकूट, झाबुआ, इंदौर, आगर-मालवा, शिवपुरी की वारदातें चर्चा में रही हैं। अपहरण की इन वारदातों को लेकर ही विपक्ष विधानसभा में कमलनाथ सरकार की घेराबंदी करने की रणनीति बनी है। खास बात यह है कि विपक्ष अपहरण की वारदातों को कांग्रेस की तत्कालीन सरकारों के कार्यकाल से जोड़ेगा। विपक्ष की ओर से विधानसभा में इस तरह से मामला उठाया जाएगा कि पहले कांगे्रस के समय में डकैत थे और अपहरण की घटनाएं होती थी, अब फिर से अपहरण शुरू हो गए हैं। हालांकि सत्ता पक्ष ने भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की पूरी तैयारी कर ली है। बताया गया कि सरकार भाजपा शासन काल में किसानों की आत्महत्या, महिला अपराध, हत्या, अपहरण, मानव तस्करी से जुड़े अपराधों का पूरा लेखा-जोखा तैयार कर रही है, जिसके आधार पर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया जाएगा। सत्ता पक्ष की ओर से यह बताने की कोशिश होगी कि भाजपा सरकार में प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट थी। 

किसानों के मुद्दे पर बनेंगे हंगामे के आसार 

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव किसानों की कर्जमाफी को लेकर कमलनाथ सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप लगा चुके हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी किसानों की 10 दिन के भीतर कर्जमाफी नहीं होने पर किसानों के साथ कांग्रेस का छलावा बता चुके हैं। ऐसे में विपक्ष कर्जमाफी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।  विधायक दल की बैठक में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा है कि कर्जमाफी पर सरकार को एक्सपोज़ करना है| हमें पलायन नहीं करना, सांकेतिक वाकआउट करेंगे| तथ्य तर्क और होंसले से सरकार को घेरकर आइना दिखाना है|  

कांग्रेस ने किसानों से 10 दिन में कर्जा माफ करने का वादा किया था। दो महीना होने जा रहा है, लेकिन अभी तक एक किसान का भी कर्जा माफ नहीं किया है। कांग्रेस ने किसानों के साथ छलावा किया है। अपहरण जैसी वारदातों से प्रदेश में दहशत बढ़ी है। विधानसभा में जनहित के सभी मुद्दों को उठाया जाएगा। 

गोपाल भार्गव, नेता प्रतिपक्ष, मप्र विधानसभा