BHOPAL: पुलिस हिरासत में युवक की मौत, TI समेत 5 सस्पेंड, ‘खाकी’ पर हत्या के आरोप

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भोपाल। बैरागढ़ में पुलिस द्वारा युवक को पीट-पीटकर मार डालने के मामले में मृतक को थाने में पहुंचकर जीवित देखने का चश्मदीद सामने आया है। थाने में सबसे पहले पहुंचने का दावा करने वाले वाले मृतक के दोस्त का दावा है कि मौत के बाद में शव को बैरागढ़ सिविल अस्पताल की दहली पर फेंक दिया गया था। जहां डाक्टरों ने शव लेने से मना किया तो आनन-फानन में बॉडी को हमीदिया अस्पताल पहुंचा दिया। वहां गुपचुप तरीके से बॉडी का पीएम कराने और हत्या को एक्सीडेंट घोषित करने की पूरी तैयारी थी। हालांकि मृतक के घायल साथी गोविंद ने इस पूरे घटनाक्रम की सूचना परिजनों को कॉल पर दी। जिसके बाद में रिश्तेदारों ने मरचुरी में पहुंचकर हंगामा कर दिया। आईजी योगेश देशमुख और डीआईजी इरशाद वली ने मरचुरी में पहुंचकर परिजनों को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया, तब हंगामा थमा। गृहमंत्री बाला बच्चन ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं।  आईजी योगेश देशमुख ने बैरागढ़ थाने के टीआई अजय मिश्रा, एसआई राजेश तिवारी सहित 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

मृतक के दोस्त शिवम प्रताप सिंह के अनुसार वह हादसे की सूचना के बाद में सबसे पहले थाने में पहुंचा था। इस समय रात करीब 12:45 बजे थे। तब मृतक शिवम जिंदा था और पूरी तरह से स्वस्थ नजर आ रहा था। शिवम से हाल पूछने पर उसने खुदको सही बताया था। चिंता नहीं करने की बात कही थी। उसने बताया था कि पुलिस मेडिकल के लिए ले जा रही है। इसके बाद में शिवम ने कॉल कर कोई जानकारी नहीं दी। कॉल लगाने पर उससे संपर्क नहीं हुआ। तड़के साड़े चार बजे वह दोबारा थाने पहुंचा और शिवम के संबंध में जानकारी मांगी। उसे किसी ने कोई जानकारी नहीं दी। तलाश करने पर देखा की पास में स्थित बैरागढ़ सिविल अस्पताल में शिवम की बॉडी पड़ी थी। उसके साथी गोविंद भी बैरागढ़ थाने के पिछले हिस्से में लहूलुहान हालत में था। उसके दोनों हाथों को पुलिस ने तोड़ दिया था। कुछ ही देर में पुलिस ने बॉडी को हमीदिया स्थित मरचुरी में भिजवा दिया। इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो शिवम प्रताप सिंह ने बनाई थी। जिसे सोशल साइट्स पर वायरल किया गया है। वहीं गोविंद ने भी सुबह घायल हालत में ही मरचुरी में पहुंचकर पुलिस की हैवानियत की पूरी कहानी अधिकारियों को सुनाई थी। उसका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

– परिजनों के आरोप

परिजनों का आरोप है कि जब शिवम की थाने में पिटाई हो रही थी तो उस वक्त मृतक शिवम के चाचा जो इंदौर में सब-इंस्पेक्टर हैं, उन्होंने बैरागढ़ टीआई अजय मिश्रा को फोन लगाकर इसकी जानकारी दी थी और अपने भतीजे को छोडऩे की गुहार लगाई थी। लेकिन इसके बावजूद शिवम को इस बेरहमी से पीटा गया कि उसकी मौत हो गई। ऐसे में परिजनों ने पिटाई करने वाले पुलिसवालों के साथ बैरागढ़ टीआई को बर्खास्त करने और सभी हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

 

– पिता बोले लूटने के बाद मौत के घाट उतारा

मृतक शिवम के पिता सुरेश मिश्रा ने भी आरोप लगाया कि उनके बेटे की पुलिस ने हत्या की। उन्होंने बताया कि,बेटे के पास पैसे और सोने की चेन थी। जो नहीं मिल रही है। टक्कर के बाद गाड़ी पूरी तरह टूट गई थी। लेकिन बेटे को खरोंच तक नहीं आई थी। थाने ले जाकर पुलिस ने इतनी पिटाई कि उसके कान और शरीर पर निशान पड़ गए थे। मुझे शक है कि पुलिस अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को भी प्रभावित कर सकती है। ऐसे में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर की मांग की है। फिलहाल परिजन मृतक शिवम का पोस्टमॉर्टम कराने को तैयार नहीं है। उनकी मांग है कि पहले हत्या की एफआईआर दर्ज की जाए बाद में बॉडी का पीएम कराया जाएगा।

 

– बैरागढ़ थाने के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

बैरागढ़ थाने में हंगामे की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात की गई है। खुद आईजी योगेश देशमुख बैरागढ़ थाने पहुंचे थे। वहीं हमीदिया अस्पताल के बाहर भी पुलिस तैनात की गई है। परिजनों को पीएम कराने के लिए मनाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

– इन पर गिरी गाज

मामले में प्राथमिक तौर पर थाने में मृतक शुवम की साथ मारपीट की बात साफ हो चुकी है। जिसके बाद में आईजी योगेश देशमुख ने कार्रवाई करते हुए टीआई अजय मिश्रा, एसआई राजेश तिवारी,आरक्षक बहुरण सिंह,आरक्षक राजकुमार, आरक्षक गंगाराम को सस्पेंड कर दिया है। वहीं परिजन पांच पुलिसवालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए हैं।