MP School : सीएम के बाद सामने आया स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का बड़ा बयान

स्कूल शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि प्रथम वर्ष में 350 स्कूलों का चयन किया जा रहा है, जिसमें ट्राइबल और दूरस्थ क्षेत्रों समेत सभी क्षेत्र के विद्यालयों को सम्मलित किया है।

mp board इंदर सिंह परमार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में शिवराज सरकार सरकारी स्कूलों (Government School) को मर्ज कर केंद्रीय विद्यालय (Central School) की तर्ज पर 9200 सीएम राइज स्कूल खोलने जा रही है।इन स्कूलों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को ज्ञान, कौशल और नागरिकता के संस्कार देना है। इसको लेकर शुक्रवार को मंत्रालय में सीएम शिवराज सिंह चौहान के समक्ष विस्तृत कार्य-योजना प्रस्तुत की गई थी।इसी बीच आज सोमवार को स्कूल शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार (Inder Singh Parmar)का बड़ा बयान सामने आया है।

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स्कूल शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के (National Education Policy) आलोक में, सीएम राइज स्कूल (CM RISE SCHOOL) योजना शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन करने की पहल है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में ‘आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश’ की कार्ययोजना को लेकर हुए मंथन में स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department)की योजनाओं पर व्यापक चर्चा हुई।स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि सीएम राइज स्कूल योजना के अंतर्गत आगामी वर्ष में प्रदेश में विश्वस्तरीय और सर्व सुविधा युक्त स्कूल शुरू करने जा रहे हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि प्रथम वर्ष में 350 स्कूलों का चयन किया जा रहा है, जिसमें ट्राइबल और दूरस्थ क्षेत्रों समेत सभी क्षेत्र के विद्यालयों को सम्मलित किया है। ऐसे क्षेत्रों को भी शामिल किया है जहाँ वर्तमान में विद्यालय नहीं हैं। जिला और ब्लाक स्तरों पर स्कूलों का चयन किया जाएगा। इन स्कूलों में परिवहन (Transport) की सुविधा विशेष रूप से विद्यार्थियों के आवागमन के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। यह बड़ी पहल मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही है।

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दरअसल, मध्य प्रदेश में चार स्तरों जिला, विकासखंड, संकुल और ग्रामों के समूह स्तरों पर सीएम राइज स्कूल प्रस्तावित हैं। जिला स्तर पर प्रत्येक जिले में एक (कुल 52)  राइज स्कूल होंगे, जिसमें प्रति स्कूल 2000 से 3000 विद्यार्थी होंगे। विकास खंड स्तरीय 261 स्कूल होंगे, जिनमें प्रति स्कूल 1500 से 2000 विद्यार्थी होंगे। इसी प्रकार संकुल स्तरीय 3200 स्कूल होंगे, जिनमें प्रति स्कूल 1000 से 1500 विद्यार्थी होंगे। ग्रामों के समूह स्तर पर 5687 स्कूल होंगे, जिनमें प्रति स्कूल 800 से 1000 विद्यार्थी होंगे। छात्रों को घर से ले आने के लिए बस आदि भी मुहैया कराई जाएगी।

इसका उद्देश्य है कि छात्रों को प्री-प्राइमरी और हायर सेकेंडरी पर लेवल पर CBSE बोर्ड और ICSC जैसी शिक्षा मिल सके, इसके लिए सरकार 20 करोड़ रुपए 2023 तक खर्च करेगी और शिक्षकों की नियुक्तियां (Teacher Recruitment) परीक्षा के जरिए होगी।पहले चरण में3 से 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। इसके बाद 5 से 8 किलोमीटर के दायरे में आने वाले मीडिल लेवल स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। वहीं, दूसरे चरण में 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सरकारी स्कूलों को मर्ज किया जाएगा।सरकार ने तीन साल (2023) में सभी स्कूल शुरू करने का लक्ष्य रखा है।

सीएम राइज स्कूल की प्रमुख विशेषताएँ

  • अच्छी अधोसंरचना।
  • हर विद्यार्थी के लिए परिवहन सुविधा
  • नर्सरी और केजी कक्षाएँ।
  • शत-प्रतिशत शिक्षक एवं अन्य स्टाफ।
  • स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल लर्निंग।
  • सुसज्जित प्रयोगशालाएँ एवं समृद्ध पुस्तकालय।
  • व्यावसायिक शिक्षा और अभिभावकों की सहभागिता।