MP निकाय चुनाव पर बड़ी अपडेट, आयोग ने अधिकारियों को दिए निर्देश, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए जाए ये महत्वपूर्ण कदम

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकायों के आम निर्वाचन-2022 के लिए निर्वाचन का कार्यक्रम एक जून 2022 को जारी किया गया है।

urban body election

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव (MP Urban Body Election) की तैयारी जोरों शोरों से चल रही है। इसके लिए लगातार कलेक्टर (Collectors) और निर्वाचन अधिकारीयों (election officers) को आदेश जारी किए जा रहे हैं। दरअसल एक बार फिर से निर्वाचन आयोग के आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। निर्वाचन के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध करने के दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं। इससे पहले नगर निकाय चुनाव में पेड न्यूज पर नियंत्रण के लिए भी राज्य स्तर पर मीडिया सर्टिफिकेट एंड मॉनिटरिंग कमेटी के गठन के दिशा निर्देश जारी किए गए थे।

आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग बसंत प्रताप सिंह ने सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को नगरीय निकाय निर्वाचन के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकायों के आम निर्वाचन-2022 के लिए निर्वाचन का कार्यक्रम एक जून 2022 को जारी किया गया है। उन्होंने कहा है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।

अस्त्र-शस्त्रों पर प्रतिबंध तथा विस्फोटक पदार्थों की सघन चेकिंग

आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने कहा कि नगरीय निकायों अथवा संबंधित नगरीय क्षेत्रों एवं वार्ड में आग्नेय शस्त्रों एवं घातक हथियारों को लेकर चलने पर प्रतिबंध लगाया जाए। ऐसा प्रतिबंध चुनाव परिणाम घोषित होने तक प्रभावशील रखा जाए। यदि किसी व्यक्ति द्वारा अपने शस्त्र का दुरूपयोग कर लोक-सुरक्षा या लोक शांति भंग किए जाने की आशंका हो तो आर्म्स एक्ट 1959 में शस्त्र अनुज्ञप्ति निलंबित कर उसका शस्त्र निकटतम थाने में जमा कराया जाए।

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आयुक्त ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि शांति एवं व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में निवास करने वाले शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा यदि शस्त्रों का दुरूपयोग करने की आशंका हो तो ऐसे क्षेत्रों के समस्त या चुनिन्दा अनुज्ञप्तिधारियों की अनुज्ञप्तियाँ, आर्म्स एक्ट 1959 के अंतर्गत निलंबित कर उनके शस्त्र निकटतम थाने में जमा कराए जाएँ तथा चुनाव परिणाम की घोषणा हो जाने के बाद स्थानीय परिस्थिति के अनुसार शस्त्र लौटाये जाने की कार्यवाही की जाए। नगरीय निकायों में ऐसे व्यक्तियों तथा उनके ठिकानों का पता लगाने के लिए, जो अवैध रूप से शस्त्र एवं बारूद रखते हैं, विस्फोटक पदार्थों का भण्डारण एवं प्रदाय करते हैं या वे शस्त्रों का निर्माण एवं व्यवसाय करते हैं, एक सघन अभियान चलाया जाए तथा इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलग्न तत्वों के विरूद्ध संगत अधिनियमों में सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए।

असामाजिक तत्वों की धरपकड़

आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने कहा कि पुलिस द्वारा असामाजिक एवं आपराधिक तत्वों तथा कानून एवं व्यवस्था भंग करने की मंशा से अवैधानिक कृत्यों में प्रवृत्त व्यक्तियों की धरपकड़ तथा प्रतिबंधात्मक गिरफ्तारी करने का एक सघन अभियान चलाया जाए। मतदान की तारीख के दो दिन पूर्व से लेकर मतदान के दिन तक नगरीय निकायों में चलने वाले वाहनों की सघन चेकिंग की जाए।

मतदान के दिन वाहनों की सघन चेकिंग

मतदान की तारीख को संबंधित नगरीय निकायों में लारियों, ट्रकों, ट्रेक्टर-ट्रॉलियों आदि माल वाहक वाहनों का, जिनमें कि सामान लादने या उतारने वाले श्रमिकों को छोड़कर अन्य सवारियॉं ढोने पर पाबंदी है, प्रचलन नियंत्रित करने के लिए सघन चेकिंग की व्यवस्था की जाए और यदि ऐसे वाहनों का दुरूपयोग मतदाताओं, सवारियों को लाने या ले जाने के लिए किया जा रहा हो तो उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम 1988 में कार्यवाही की जाए।

आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने कहा कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों या उसके अभिकर्ता या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भाड़े पर अथवा प्राप्त किसी सवारी गाड़ी या अन्य वाहन से मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक ले जाने के कृत्य को, जो कि म.प्र. स्थानीय प्राधिकारी (निर्वाचन अपराध) अधिनियम, 1964 में अपराध है, रोकने के लिए प्रभावकारी प्रबंध किए जाएँ। मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा-बल तैनात करने के अतिरिक्त प्रत्येक थाना स्तर पर आरक्षित बल (रिजर्व फोर्स) भी रखा जाए, जिससे किसी मतदान केन्द्र में तनाव या गडबड़ी होने पर तत्परता से स्थिति को संभाला जा सके।