30 अप्रैल को 6 लाख से ज्यादा स्ट्रीट वेंडरों को तोहफा देंगे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

मध्यप्रदेश में शहरी पथ व्यवसायियों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। पीएम स्व-निधि योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में एक है।

सीएम शिवराज सिंह चौहान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के स्ट्रीट वेंडरों के लिए खुश खबरी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) 30 अप्रैल को 6 लाख 10 हजार स्ट्रीट वेंडरों के खाते में एक-एक हजार रुपए डालेंगे। इस प्रकार लगभग 61 करोड रुपए DBT के माध्यम से पथ व्यवसायियों के खाते में डाले जाएंगे।शहरी पथ व्यवसायी अपने मोबाइल पर ही वेबकास्ट लिंक webcast.gov.in/mp/cmevents के माध्यम से कार्यक्रम से सीधे जुड़ सकते हैं।

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नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह (Urban Development and Housing Minister Bhupendra Singh) ने बताया है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 30 अप्रैल को दोपहर 3 बजे 6 लाख 10 हजार शहरी पथ व्यवसायियों के बैंक खाते में एक-एक हजार रुपए की अनुदान राशि अंतरित करेंगे।  कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए विभिन्न जिलों में लगे कोरोना कर्फ्यू के कारण पथ व्यवसायियों की आजीविका प्रभावित हो रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में शहरी पथ व्यवसायियों को राहत पहुँचाने के लिए इन्हें अनुदान देने का निर्णय लिया गया है।

बता दे कि मध्यप्रदेश में शहरी पथ व्यवसायियों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। पीएम स्व-निधि योजना (PM Swanidhi Scheme) के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में एक है। प्रदेश में कुल 6 लाख 10 हजार सत्यापित पथ व्यवसायियों में से लगभग 4 लाख 81हजार के आवेदन बैंक में लगाए जा चुके हैं। इसमें से 3 लाख 44 हजार पथ व्यवसायियों को ऋण भी स्वीकृत किया गया है। प्रदेश में अभी तक 3 लाख 13 हज़ार पथ व्यवसायियों को 313 करोड़ रुपए की ऋण राशि भी वितरित की जा चुकी है।

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गौरतलब है की कोविड-19 के संबंध में शहरी पथ व्यवसायियों को रोजगार से पुनः जोड़ने के लिए एवं आजीविका के साधन उपलब्ध कराने हेतु भारत सरकार द्वारा आत्म-निर्भर फेस-2 में पीएम स्व-निधि योजना एक जुलाई 2020 को शुरू की गई थी। इस योजना में पथ व्यवसायियों को 10 हजार का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा 7% का ब्याज अनुदान दिया जाता है। डिजिटल ट्रांजेक्शन करने पर प्रति वर्ष 2000 रुपये तक की सीमा की कार्यशील पूँजी के ऋण का प्रावधान भी है। मध्यप्रदेश द्वारा शेष ब्याज का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अंतर्गत 31 मार्च 2021 तक लगभग एक करोड़ रुपए की ब्याज अनुदान राशि बैंकों को दी जा चुकी है।