भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। गुरुवार की रात्रि शासकीय निवास पर दिए गए भोज में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रियों को विभागीय तबादले सोच समझकर करने की हिदायत दी। उन्होंने तबादलों को लेकर छवि खराब करने वाले लोगों से दूर रहने की बात भी मंत्रियो से कही।

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जिलों का प्रभार देने के बाद पहली बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने साथी मंत्रियों को रात्रि भोज दिया। इस रात्रिभोज में सरकार के अधिकांश मंत्री शामिल थे। लेकिन बृजेंद्र प्रताप सिंह, मीना सिंह, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओमप्रकाश सकलेचा, प्रेम सिंह पटेल, रामखेलावन पटेल, रामकिशोर कावरे और ओ पी एस भदौरिया अपने अपने क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों के चलते इन बैठकों में शामिल नहीं हो पाए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपने साथी मंत्रियों को तबादलों को लेकर समझाइश दी कि वे बेहद सोच समझकर तबादले करें और ऐसे व्यक्तियों से सतर्क रहें जो तबादलों के नाम पर लेनदेन का काम करते हैं। उन्होंने सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में जाकर बैठक कर समन्वय बनाने की बात भी कही।

मुख्यमंत्री ने अपने सभी साथियों से कहा कि वे जिलों में जाकर विकास कार्यों की समीक्षा करें और साथ ही साथ लोक कल्याणकारी योजनाओं को भी किस तरह से लागू किया जा रहा है इसकी व्यापक समीक्षा करें। साथ ही साथ विभिन्न विकास कार्यक्रमों का शिलान्यास भी मंत्रियों को करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। मंत्रियों से यह भी कहा कि प्रभार के जिलों के दौरे पर जाएं तो कम से कम दो दिन और एक रात्रि उस जिले में बिताये। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि विधायक, सांसद और प्रबंध समिति के सदस्यों के परामर्श के बाद ही मंत्री तबादले करें।