मुख्यमंत्री कमलनाथ की ग्वालियर से दूरी, क्या हो सकती है इसके पीछे वजह?

ग्वालियर। अतुल सक्सेना। 

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने लगभग एक साल होने वाला है। लेकिन प्रदेश के मुखिया कमलनाथ ने ग्वालियर से दूरी बना रखी है। वो आज तक ग्वालियर में किसी सार्वजनिक अथवा राजनैतिक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। इस दौरान वे कई बार ग्वालियर हवाई अड्डे पर उतरे लेकिन शहर में उनका कोई कार्यक्रम नहीं हुआ । ग्वालियर से उनकी इस दूरी पर चर्चाओं  का बाजार गर्म है। 

प्रदेश के मुखिया कमलनाथ ने जब मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी तो पूरे प्रदेश के विकास की बात की थी।और इस नाते उन्हें सभी शहरों की बराबर से फ़िक्र करनी चाहिए लेकिन ग्वालियर के बारे में ऐसा दिखाई नहीं देता। गौरतलब है कि  प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने हुए लगभग एक साल होने वाला है और इस अवधि में मुख्यमंत्री एक बार भी ग्वालियर दौरे पर नहीं आये। वे ग्वालियर तो चार से पांच बार आ चुके हैं लेकिन सिर्फ ट्रांजिट विजिट पर अर्थात हवाई अड्डे पर आते है और वही पर अधिकारियों से मिलते है और लौट जाते हैं। वे सरकार बनने के बाद भिंड और मुरैना का दौरा कर चुके हैं वहां विकास योजनाओं की सौगात दे चुके हैं लेकिन ग्वालियर नहीं आये। कमलनाथ विधानसभा चुनावों में फूलबाग मैदान में राहुल गाँधी की सभा में मौजूद  रहे थे। उसके बाद इस साल अगस्त में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की माँ के निधन पर श्रद्धासुमन अर्पित करने आये थे। लेकिन शहर विकास से जुड़ी किसी भी बैठक या भूमिपूजन शिलान्यास या लोकार्पण में शामिल नहीं हुए । इस तरह के सभी कार्यक्रमों के मुख्य अतिथि कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ही होते हैं। वे ही ग्वालियर में विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हैं और अधिकारियों को निर्देश देते हैं। जिसपर भाजपा कई बार आपत्ति जता चुकी है। 

एक दूसरे पर उठाई उंगली

कमलनाथ की ग्वालियर से दूरी के सवाल  पर कांग्रेस बचाव की मुद्रा में हैं कांग्रेस जिला अध्यक्ष दे देवेन्द्र शर्मा इसका जवाब देते हुए कहते हैं कि इसमें कोई खास बात नहीं हैं मुख्यमंत्री को पूरा प्रदेश देखना है  और वे रीवा सहित कई और जगह भी नहीं गए। यहाँ सिंधिया जी सब देख रहे हैं। जिला अध्यक्ष  तर्क देते हैं कि मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह भी कभी अशोकनगर नहीं गए। इसलिए ये कोई मुद्दा नहीं हैं उधर भाजपा ने इसपर चुटकी ली है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर का कहना है कि पंडित नेहरू से लेकर राजीव गांधी ने ग्वालियर के विकास को लेकर रुचि नहीं दिखाई। उसकी वजह सिर्फ सिंधिया परिवार है और कमलनाथ जी इंदिरा गांधी के तीसरे बेटे हैं इसलिए वे अपना फर्ज निभा रहे हैं वे सिंधिया परिवार के प्रभाव वाले क्षेत्र में जाने से हमेशा दूर रहते हैं। चूंकि ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर सहित अपने संसदीय क्षेत्र गुना शिवपुरी में सक्रिय हैं इसलिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यहाँ से दूरी बना रखी है।