सीएम शिवराज सिंह बोले -20 जिलों में 10% से कम पॉजिटिविटी, 5 में 200 से ज्यादा केस

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि प्रदेश में 'म्यूकॉरमाइकोसिस' ब्लैक फंगस बीमारी का प्रारंभिक स्तर पर ही जाँच कर उपचार किया जाए।

सीएम शिवराज सिंह

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में आज सोमवार को 5921 नए कोरोना मरीज सामने आए हैं और 11 हजार 513 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे।इसके बाद एक्टिव मरीजों की संख्या घटक 88 हजार 983 रह गई है।आज कोर ग्रुप सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण निरंतर कम हो रहा है। प्रदेश में नए कोरोना प्रकरण 6 हजार से कम हो गए हैं, वहीं 20 जिलों में कोरोना की साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 10 प्रतिशत से कम हो गई है। प्रदेश की ग्रोथ रेड 1.1% तथा साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 12% है। आज की पॉजिटिविटी दर 9.1% है।

यह भी पढ़े.. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिया आयुष्मान हितग्राही को मदद का आश्वासन, युवक बोला- आभारी हूं

सीएम शिवराज सिंह चौहान(CM Shivraj Singh Chauhan) ने कहा है कि प्रदेश के 5 जिलों में ही अब 200 से अधिक तथा 12 जिलों में 100 से अधिक नए प्रकरण आए हैं। इंदौर में 1307, भोपाल में 657, जबलपुर में 421, उज्जैन में 232, ग्वालियर में 201, सागर में 195, रतलाम में 190, रीवा में 170, शिवपुरी में 114, नरसिंहपुर में 113, सीहोर में 106 तथा दमोह में 104 नए प्रकरण आए हैं।प्रदेश के 20 जिलों होशंगाबाद, देवास, विदिशा, बालाघाट, टीकमगढ़, मुरैना, छिंदवाड़ा, छतरपुर, श्योपुर, मंडला, गुना, आगर मालवा, बड़वानी, अशोकनगर, झाबुआ, निवाड़ी, भिण्ड, खण्डवा, बुरहानपुर तथा अलीराजपुर की साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 10 प्रतिशत से कम है।

इसके साथ ही सीएम शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि प्रदेश में ‘म्यूकॉरमाइकोसिस’ ब्लैक फंगस बीमारी का प्रारंभिक स्तर पर ही जाँच कर उपचार किया जाए। इसके‍लिए आवश्यक उपकरण ‘नेजोएन्डोस्कोप’ तथा इंजेक्शन एवं दवाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। इसे जन-आंदोलन का रूप दिया जाए। शिविर लगाकर ब्लैक फंगस की जाँच की जाए तथा हर मरीज का इलाज किया जाए। इसमें निजी ई.एन.टी. चिकित्सकों की भी पूरी सेवाएँ ली जाएँ। प्रारंभिक स्तर पर ही जाँच करें तथा तुरंत इलाज प्रारम्भ हो।

यह भी पढ़े.. सीएम के बयान का असर, मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में बढ़ाया गया कोरोना कर्फ्यू

बता दे कि भोपाल मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस म्यूकॉरमाइकोसिस बीमारी के 50, इंदौर मेडिकल कॉलेज में 60, जबलपुर मेडिकल कॉलेज में 38, ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में 5 तथा रीवा मेडिकल कॉलेज में 09 मरीज हैं।प्रदेश में कोविड के 24 हजार 102 मरीजों का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। इनमें से 16 हजार 165 का शासकीय अस्पतालों में, 2515 का अनुबंधित अस्पतालों में तथा 5422 का मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना के अंतर्गत सम्बद्ध निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना में मरीजों के इलाज पर शासन द्वारा आज की‍स्थिति में 4 करोड़ 4 लाख 43 हजार व्यय हुआ।

बैठक में सीएम शिवराज सिंह ने यह भी दिए निर्देश

  • देश में आने वाले तूफान ‘ताऊ ते’ के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, अत: यह सुनिश्चित किया जाए कि हर अस्पताल में इंनवर्टर अथवा जनरेटर चालू रहें।
  • गेहूँ उपार्जन केन्द्रों पर उपार्जित गेहूँ खुले में न रहे। कोरोना को मात देने के‍लिए हर मरीज की पहचान कर उसका उपचार सुनिश्चित करने के लिए ‘किल कोरोना’ अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
  • साथ ही ‘योग से निरोग’ अभियान तथा ‘मैं कोरोना वॉलेंटियर’ अभियान भी प्रभावी हो।
  • प्रदेश में लगाए जा रहे सभी ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना की माइक्रो मॉनीटरिंग की जाए तथा जल्दी से जल्दी कार्य पूरा किया जाए।
  • बड़े ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना के भी प्रयास किए जाएँ। वर्तमान में प्रदेश में 95 ऑक्सीजन संयंत्र लगाए जा रहे हैं।
  • कोविड के कारण जिन बच्चों के माँ-बाप नहीं रहे हैं, ऐसे बच्चों की सूची सभी जिले भिजवाएँ, जिससे उन्हें तुरंत योजना का लाभ देते हुए 5000 रूपए प्रतिमाह पेंशन व अन्य सुविधाएँ प्रदान की जा सकें।
  • प्रभारी अधिकारी ने बताया कि धार जिले में 125 तथा अलीराजपुर में 90 ऐसे बच्चे हैं।