बिजली चोरी पर कंपनी सख्त, मीटर रीडरों के लिए भी नए नियम, प्रमुख ऊर्जा सचिव ने दिए निर्देश

उन्होंने प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाने के निर्देश भी जारी किए।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में बिजली की चोरी (Power theft) को रोकने के लिए अब बिजली कंपनियों (electricity company)  द्वारा सख्त नियम तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही साथ लापरवाही करने वाले रीडरों के लिए भी नियम तैयार की जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रमुख सचिव संजय दुबे (sanjay dubey) ने बीते दिनों कर्मचारियों की बैठक ली थी।

दरअसल बैठक के दौरान प्रमुख ऊर्जा सचिव संजय दुबे ने कहा बिजली की चोरी रोकने और अनियमितता को समाप्त करने के लिए एसई (SE) और सीई (CE) को लाइटमैन के साथ मिलकर काम करना होगा। इसके बाद ही सफलता मिलेगी। वहीं उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया ईमानदार उपभोक्ताओं का सम्मान होना चाहिए। साथ ही बिजली चोरी करने वालों खिलाफ सख्ती दिखानी होगी।

प्रमुख ऊर्जा सचिव ने अधिकारी को निर्देश दिया के विशेष कार्य योजना बनाकर 3 महीने में बिजली चोरी को रोकने के लिए नियम बनाया जाए और इसकी रिपोर्ट तैयार की जाए। वही कर्मचारियों पर बोलते हुए संजय दुबे ने कहा कि मीटर रीडर से सेल्फी भी मंगाई जाए ताकि पता चले कि वह मौके पर पहुंच रहे हैं और मीटर रीडिंग के कार्य को पूरा कर रहे हैं।

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अधिकारियों को निर्देश देते हुए प्रमुख ऊर्जा सचिव दुबे ने कहा कि बिजली कंपनी के वाहनों में जीपीएस (GPS) लगाए जाएंगे। ताकि इससे बिजली कंपनी वाहन का लोकेशन (Location) पता किया जा सके और वाहन को दुरुपयोग से बचाया जा सके। उन्होंने प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाने के निर्देश भी जारी किए।

वही समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव संजय दुबे ने कहा कि हमें जीआईएस (GIS) पर फोकस करना होगा। जिसके जरिए उपभोक्ता के घर, फीडर, ट्रांसफर, ग्रिड की जानकारी हमारे पास सुदृढ़ रहेगी। जिससे कंपनी का काम आसान होगा और साथ में उपभोक्ता सूचना प्रणाली में सुदृढ़ होगी और इससे कंजूमर की इंडेक्सिंग में भी मदद मिलेगी।