खुलकर सामने आई कांग्रेस नेताओं की गुटबाज़ी, बैठक में प्रभारी मंत्री के खिलाफ नारेबाज़ी

भोपाल। केंद्र सरकार के खिलाफ 14 दिसंबर को कांग्रेस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। उससे पहले देश भर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। इसी सिलसिले में मध्य प्रदेश में भी एआईसीसी के पर्यवेक्षकों के साथ ही एआईसीसी के सचिव सभी जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रणनीति बना रहे हैं। लेकिन प्रदेश में ऐसा होता दिख नहीं रहा है। केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोलने से पहले ही कांग्रेस नेताओं की आपस की गुटबाज़ी खुलकर सामने आ रही है। जो बड़ी चुनौती बन गई है। 

दरअसल, प्रदेश में विधानसभा चुनाव के समय पार्टी को एकजुट कर जीत दिलाने वाले कांग्रेस नेताओं के आपसी रिश्तों में खटास हो गई है। जिसका नतीजा है कि एआईसीसी के पर्यवेक्षकों के सामने जिलों में कांग्रेस में छाई गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है। पिछले एक हफ्ते से पर्यवेक्षक और एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव जिलों में जाकर केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली में होने वाले आंदोलन को लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। 

बुरहारपुर जिले में एआईसीसी के पर्यवेक्षक एमडी जोशी पहुंचे थे। यहां एक बैठक रखी गई थी जिसमें पदाधिकारियों को भी बुलाया गया था। लेकिन बैठक में आपसी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। कुछ लोगों ने एक मंत्री के खिलाफ नारेबाज़ी कर दी। हालांकि, जोशी की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया। ऐसा ही नज़ारा छतरपुर में भी देखने को मिला। यहां एआईसीसी के सचिव सुधांशु त्रिपाठी पहुंच थे। उनके साथ प्रभारी मंत्री भी आए थे। लेकिन कांग्रेस नेताओं ने उनके सामने ही मोर्चा खोल दिया। जिस वजह से आपस में विवाद की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है बैठक में मौजूद महिला कांग्रेस की एक नेता ने भी जमकर हंगामा किया।