नगरीय निकाय चुनाव : इन जिलों में प्रभारी-सह प्रभारी नियुक्त, पूर्व मंत्रियों को बड़ी जिम्मेदारी

मप्र युवा कांग्रेस

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। नगरीय निकाय चुनाव  (Urban Body Election) की तारीखों का ऐलान भले ही ना हुआ हो लेकिन कांग्रेस ने अपनी तैयारियां शुरु कर दी है। उपचुनाव (By-election) में करारी हार मिलने के बाद कांग्रेस (Congress) निकाय चुनाव में कोई रिस्क नही लेना चाहती, इसलिए पूर्व मंत्रियों और विधायकों को जिम्मेदारी देना शुरु कर दिया है।खास बात ये है कि कमेटी में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का भी नाम शामिल किया गया है।

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दरअसल, आज सोमवार (Monday) को कांग्रेस ने मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की नगर निगमों के लिए प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। ये सभी चुनाव प्रभारी ही चुनाव का संचालन करेंगे और जीत की रणनीति तैयार करेंगे।खास बात ये है कि लोकसभा और उपचुनावों की तरह इन चुनावों में भी पूर्व मंत्रियों को जिम्मा सौंपा गया है। भोपाल (Bhopal) में पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया (Lakhan Ghanghoria), इंदौर (Indore) में डॉक्टर विजय लक्ष्मी साधो (Vijay Lakshmi Sadho), जबलपुर (Jabalpur) में हिना कांवरे और ग्वालियर (Gwalior) में बृजेंद्र सिंह राठौर को प्रभारी बनाया गया है।इतना ही नही  कमेटी में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh), विधायक आरिफ अकील, आरिफ मसूद, अरुण श्रीवास्तव व मांडवी चौहान शामिल किए गए है।

प्रभारी के साथ एक सह प्रभारी

इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 12 नगर निगमों के लिए प्रभारी और सह प्रभारी भी मनोनीत किए हैं।इसमें मुरैना के लिए प्रियव्रत सिंह को प्रभारी और रश्मि पवार को सह प्रभारी, सागर नगर निगम के लिए पीसी शर्मा (PC Sharma) प्रभारी और मनीष दुबे सह प्रभारी, रीवा नगर निगम के लिए हर्ष यादव प्रभारी और जमुना मरावी सह प्रभारी, सतना नगर निगम के लिए तरुण भनोत प्रभारी और पदमा शुक्ला सह प्रभारी, कटनी के लिए कमलेश्वर पटेल को प्रभारी और पुष्पा बिसेन को सह प्रभारी, छिंदवाड़ा के लिए सुखदेव पांसे को प्रभारी और नेहा से को सह प्रभारी, देवास के लिए उमंग सिंघार (Umang Singhar) को प्रभारी और यास्मीन शेरानी को सह प्रभारी, बुरहानपुर नगर निगम के लिए सुरेंद्र बघेल को प्रभारी और छाया मोरे को सह प्रभारी मनोनीत किया गया है।

भोपाल-इंदौर पर फोकस

प्रदेश के 16 नगर निगमों में महापौर पद के आरक्षण में आधी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इंदौर और जबलपुर में महापौर का पद अनारक्षित रहेगा, यहां पर कोई भी चुनाव लड़ सकता है। भोपाल और खंडवा पिछड़े वर्ग की महिला, मुरैना एससी समुदाय की महिला और सागर, बुरहानपुर, ग्वालियर, देवास और कटनी में महापौर पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं।इसमें महापौर पद ओबीसी होने के बाद कांग्रेस की नजर भोपाल पर बनी हुई है। वही इंदौर को भी कांग्रेस हथियाने के लिए बड़ा दांव खेल सकती है।

संकल्प पत्र का सहारा
विधानसभा और उपचुनावों की तरह कांग्रेस निकाय चुनाव में भी वचन पत्र का सहारा लेने जा रही है। इसके लिए अलग अलग पत्र जारी किए जाएंगे। हर निकाय का अलग-अलग संकल्प पत्र तैयार किया जाएगा, इसमें स्थानीय मुद्दों के साथ कई किसान समेत कई मुद्दों को भी शामिल किया जा सकता है।

डीसीसी फॉर्मूले पर फोकस

उपचुनाव में करारी हार से सबक लेने के बाद कांग्रेस ने फैसला किया है कि वह  इस बार उम्मीदवारों का चयन जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) की सिफारिश के आधार पर करेगी। इसके लिए सभी निकायों में प्रत्याशी चयन के लिए स्थानीय स्तर पर समितियां गठित की गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ (Kamal Nath) ने जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि समितियां पैनल बनाने की जगह एक नाम का चयन करके प्रदेश कांग्रेस को भेजें।

मुकुल वासनिक का 3 दिवसीय मप्र दौरा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और मध्य प्रदेश के प्रभारी मुकुल वासनिक(Mukul Wasnik) 16 दिसंबर से 19 दिसंबर(December) तक प्रदेश के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे भोपाल, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग मुख्यालय पर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। उम्मीदवारों का चयन को लेकर हर जिले में अलग-अलग कमेटियों का गठन किया गया है। कमेटियां सहमति के आधार पर पैनल की जगह एक नाम तय करके औपचारिक घोषणा के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजेगी। पार्षद से लेकर नगरपालिका अध्यक्ष और महापौर के टिकट के दावेदारों का रिपोर्ट कार्ड जिला कांग्रेस कमेटी बनाएगी।

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