बड़ी राहत : मध्य प्रदेश में एक्टिव केस 20 हजार, रिकवरी रेट 96%, सीएम ने मंत्रियों को दी ये नसीहत

सोमवार को मध्य प्रदेश में 1,078  नए केस सामने आए और विभिन्न जिलों में मिलाकर 45 मरीजों की मौत हुई है। 

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) आज सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) बुलाई है, लेकिन इसके पहले आज 1 जून से शुरु हुए अनलॉक और कोरोना संक्रमण को लेकर चर्चा की। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने परिश्रम की पराकाष्ठा की और प्रयत्नों की परिसीमा की, जिसका सुपरिणाम हमें मिल रहा है।आज #COVID19 के 1,078 मामले आये हैं जबकि 4,000 से अधिक लोग स्वस्थ हुए हैं। इधर, 15 जून तक मध्य प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू लागू रहेगा और संडे टोटल लॉकडाउन (Lockdow 2021)।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने बताया कि हमारा रिकवरी रेट 96% से अधिक है। अलीराजपुर में एक भी केस नहीं आया। 36 ज़िले ऐसे हैं, जहाँ सिंगल डिजिट में पॉज़िटिव (Corona Virus) केस हैं। अधिकांश ज़िलों में पॉजिटिविटी रेट 5% से नीचे है। हम सभी ने अपनी जनता के साथ मिलके जो प्रयास किया, आज मध्य प्रदेश में उसके परिणाम आ रहे हैं। प्रदेश के 36 जिलों में सिंगल डिजिट में केस आने का मतलब यह है कि हम लक्ष्य के पास पहुँच गए हैं। केवल भोपाल और इंदौर में पॉजिटिविटी दर 5% से अधिक है। इन दोनों शहरों में अलग रणनीति बनाकर काम किया जाएगा।

सीएम ने कहा कि मंत्री-परिषद के सभी सदस्य अपने-अपने प्रभार के जिलों का दौरा करें। जनता से संवाद करें, अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दें और कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर के लिए लोगों को प्रेरित कर अपनी जिम्मेदारी निभाए।इसमें मंत्रियों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि हमने कोविड के अनुरूप व्यवहार को नहीं अपनाया तो संकट बढ़ सकता है। जिलों में अनलॉक का पालन कराने का काम आपका (मंत्री) है। इसके लिए प्रभार के जिलों में दौरा करना पड़ेगा। इसको लेकर योजना लें। वहां आपदा प्रबंधन समूहों के साथ बैठक करें और कोरोना की गाइड लाइन का पालन करने के साथ टीकाकरण के लिए लोगों को प्रेरित करें।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की सक्रियता और जनता के साथ मिलकर काम करने की वजह से ही प्रदेश इस स्थिति में पहुँचा है। इस संतोषजनक स्थिति के लिए मंत्रि-परिषद के सभी सदस्य बधाई के पात्र है।  महाविद्यालय के छात्रों (College Student) तथा प्राध्यापकों को कोविड अनुरूप व्यवहार और वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक करने के लिए उच्च शिक्षा (Higher Education Department) तथा तकनीकी शिक्षा विभाग इनकी ट्रेनिंग के कार्यक्रम पर काम करे। बड़ी संख्या में हमारे छात्र और शिक्षक (Teacher) हमारी बहुत बड़ी शक्ति है।

छात्रों की पढ़ाई सुचारु रुप से चलती रहे

बैठक में सीएम शिवराज सिंह ने मंत्रियों से कहा कि मध्य प्रदेश का मॉडल देश में अग्रणी है। इस कोविड काल में शिक्षा समूह की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। जब तक स्कूल-कॉलेज (School-College) नहीं खुलते हैं, तब तक बच्चों की पढ़ाई कैसे सुचारू ढंग से चलती रहे, यह देखना होगा, ताकि बच्चे घर में बैठे-बैठे कुंठित भी न हों। कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास वर्चुअली करना प्रारंभ कर दीजिए। जो व्यवस्थाएँ बनाई जा रही हैं, वो जनता के मन में विश्वास पैदा करेगी। कोविड के अनुकूल व्यवहार के लिए जनता में जागरुकता फैलाने के लिये योजना बनाएँ।

विद्यार्थी और प्राध्यापक बनेंगे कोविड अनुकूल व्यवहार के मास्टर ट्रेनर

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश में जनता को कोविड अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाया जाना है। इसमें महाविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों को शामिल किया जाए। प्रदेश में 18 लाख से अधिक विद्यार्थी हैं। इन विद्यार्थियों और प्राध्यापकों की कोविड अनुकूल व्यवहार के मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाए। प्रशिक्षित विद्यार्थी और प्राध्यापक कोविड अनुकूल व्यवहार और टीकाकरण के लिए लोगों को प्रेरित करें। छात्र शक्ति, एनसीसी और एनएसएस की टीमों का योगदान कोविड अनुकूल वातावरण बनाने में प्रभावी होगा।

तीसरी लहर रोकने में मध्यप्रदेश नया मॉडल प्रस्तुत करेगा

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में किसी भी स्थिति में तीसरी लहर नहीं आने देना है। इस प्रकार की गतिविधियाँ हमें तीसरी लहर को रोकने में सहायक सिद्ध होगी। इसके साथ ही टेस्ट, पॉजिटिव व्यक्ति की पहचान, कान्टेक्ट ट्रेसिंग और कोरोना संक्रमित को कोविड केयर सेंटर में ले जाना जारी रहे। किल-कोरोना अभियान चलता रहे। इन गतिविधियों और कोविड अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूकता अभियान को मंत्री, विधायक और सांसद नेतृत्व प्रदान करें। छात्र शक्ति का उपयोग कर कोविड की तीसरी लहर को रोकने में मध्यप्रदेश पूरे देश में एक नया मॉडल प्रस्तुत करेगा।

बता दे कि सोमवार को मध्य प्रदेश में 1,078  नए केस सामने आए और विभिन्न जिलों में मिलाकर 45 मरीजों की मौत हुई है।  वही इसमें 31 जिले ऐसे हैं, जहां एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है।इसके बाद प्रदेश में एक्टिव केसों की संख्या 20,303 हो गई है।इसमें 53 फीसद मरीज होम आइसोलेशन में हैं और  सिर्फ 9582 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। वही आज से सशर्त कई जिलों में अनलॉक की प्रक्रिया शुरु हो गई है।