दमोह उपचुनाव: मलैया की वीडी शर्मा से मुलाकात, ऑल इज वेल के संकेत

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। दमोह उपचुनाव (Damoh Byelection) में बीजेपी (BJP) की करारी हार के बाद शुक्रवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जयंत मलैया (Jayant Malaiya) की प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा (VD Sharma) के साथ हुई मुलाकात ने पार्टी में फिलहाल ‘सब कुछ ठीक है’ के संकेत दिए हैं। मलैया के पुत्र सिद्धार्थ शनिवार को पार्टी को नोटिस का जवाब देगे।

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दमोह उपचुनाव में मिली पराजय के बाद बीजेपी के प्रत्याशी राहुल लोधी ने जयंत मलैया और उनके पुत्र सिद्धार्थ के ऊपर भीतरघात के आरोप लगाते हुए अपनी हार का जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि जवाब में मलैया ने कहा था कि जब राहुल जिस क्षेत्र के निवासी हैं वहीं से हार गए और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल तक का वार्ड पार्टी नहीं जीत पाई तो फिर इसमें उनका क्या दोष। उन्होंने प्रत्याशी चयन के लिए पार्टी की चूक की ओर भी इशारा किया था। इसके बाद जयंत मलैया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और उनके पुत्र सिद्धार्थ मलैया सहित पार्टी के पांच मंडल अध्यक्षों को पार्टी से निलंबित करने का फरमान भी सुना दिया गया। लेकिन पार्टी ने जैसे ही यह फरमान जारी किया, मलैया के समर्थन में पार्टी के पुराने नेता उतर आए। वर्तमान विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने तो प्रभारी मंत्री और टिकट बांटने वालों तक पर सवाल खड़े कर दिए। शिवराज सरकार में मंत्री रहे हिम्मत कोठारी और कुसुम मेहंदेले ने भी इस निर्णय पर सवाल खड़े किए। तभी लगने लगा था कि पार्टी मलैया के खिलाफ निर्णय शायद जल्दबाजी में ले रही है।

शुक्रवार को दमोह से भोपाल पहुंचे जयंत मलैया ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के चार इमली स्थित निवास पर उनसे मुलाकात की। सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई इस बातचीत में मलैया ने प्रदेश अध्यक्ष को बिंदुवार इस हार के कारणों के बारे में मौखिक रूप से समझाया और यह बताया कि किस तरह से इस हार के पीछे पार्टी के कुछ बड़े नेताओं के बीच मतभेद के साथ-साथ राहुल का विधायक के रुप में डेढ़ साल का कार्यकाल भी जिम्मेदार है। वीडी शर्मा ने बड़े ध्यान के साथ मलैया की बातों को सुना और शनिवार को मलैया के पुत्र पांचों मंडल अध्यक्षों के साथ अपना लिखित जवाब भी पार्टी को पेश करेंगे। बुंदेलखंड क्षेत्र में जयंत मलैया के कद को देखते हुए अब इस बात की उम्मीद कम ही है कि पार्टी मलैया या उनके पुत्र के खिलाफ कोई सख्त निर्णय ले पाए और फिलहाल तो यही लगता है किस पार्टी में अब मलैया को लेकर ऑल इज वेल की स्थिति है।