कोरोना कर्फ्यू के बावजूद हालात गंभीर, मप्र सरकार ने फिक्की से मांगा सहयोग

सीएम ने कहा कि ऑक्सीजन की उपलब्धता की चुनौती का सामना करते हुए उत्पादन और परिवहन के सभी स्तरों पर युद्ध स्तरीय प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि मप्र सरकार का प्रयास संक्रमण की गतिशीलता को रोकते हुए अर्थ-व्यवस्था को गतिशील बनाए रखना है।

मप्र सरकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कर्फ्यू (Corona Curfew) और लॉकडाउन (Lockdown 2021) के बावजूद बेकाबू होते कोरोना को देखते हुए भारतीय सेना के बाद मप्र सरकार (MP Government) ने फिक्की (FICCI) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से ऑक्सीजन के लिए सहयोग मांगा है। मप्र सरकार ने ऑक्सीजन परिवहन के लिए टैंकरों, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटीलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की उपलब्धता कराने में सहयोग की अपील की है।इस संबंध में आज शनिवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने फिक्की की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के द्वारा चर्चा की

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सीएम ने कहा कि ऑक्सीजन की उपलब्धता की चुनौती का सामना करते हुए उत्पादन और परिवहन के सभी स्तरों पर युद्ध स्तरीय प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि मप्र सरकार का प्रयास संक्रमण की गतिशीलता को रोकते हुए अर्थ-व्यवस्था को गतिशील बनाए रखना है।ऑक्सीजन आपूर्ति के परिवहन समय में कमी के लिए खाली सिलेंडरों को एयर लिफ्ट कर भेजा जा रहा है।जिन क्षेत्रों में संक्रमण का प्रसार अधिक होना पाया जाता है, वहाँ माइक्रो कंटेनमेंट के द्वारा संक्रमण नियंत्रण के कार्य किए जा रहे हैं।

सीएम ने प्रदेश में कोविड संक्रमण की स्थिति के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि संक्रमितों के उपचार के लिए निजी एवं सरकारी क्षेत्र में 1 अप्रैल से अभी तक बिस्तरों की संख्या को 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार किया गया है। संक्रमितों की संख्या 90 हजार के पार हो गई है। स्थिति के नियंत्रण के लिए संक्रमण की चेन को तोड़ने के प्रयास किए गए हैं। जनता कर्फ्यू(Janta Curfew) की नयी अवधारणा को जनसहयोग से लागू किया गया है। इसके फलस्वरूप उद्योग संचालित हो रहे हैं। निर्माण, विकास और परिवहन कार्य भी जारी है। प्रयास है कि आर्थिक गतिविधियाँ प्रभावित नहीं हो।

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सीएम चौहान ने बताया कि  चिकित्सालयों के बैकअप के रूप में कोविड केयर सेंटर की स्थापना की गई है। वहाँ पर रहने वाले संक्रमितों के साथ निरंतर संवाद कायम कर उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। उन्होंने फिक्की के सदस्यों से अनुरोध किया कि प्रदेश के औद्योगिक प्रतिष्ठान ऑक्सीजन की औद्योगिक आवश्यकताओं को रोककर स्थानीय स्तर पर चिकित्सकीय उपयोग के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराए। उन्होंने प्रचलित और नवीन औषधियों की आपूर्ति तेज गति से करवाने का भी अनुरोध किया।

सीएम चौहान ने रेमडेसिविर (Remedicivir Injection) के विकल्प खोजने के संबंध में भी शोध कार्य करवाने का आग्रह किया। प्रदेश के प्रत्येक जिले में ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट लगाने के कार्य की गति को बढ़ाने और नये प्रयोगों के संबंध में सुझाव भी आमंत्रित किए। उन्होंने फिक्की के सदस्यों को सरकार के द्वारा पूरा सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि कार्यादेश और भुगतान संबंधी सभी व्यवस्थाएँ तीव्र गति से की जा रही है। उद्योगों को संचालन कार्य में दिक्कत नहीं हो। समस्याओं, जरूरतों पर तत्काल कार्रवाई के लिए सरकार ने कॉल सेंटर भी बनाया है।