दिग्विजय सिंह का सवाल- क्या कमलनाथ सरकार गिराने में आपका हाथ था मोदी जी?

दिग्विजय ने ट्वीट (Tweet) कर लिखा है कि क्या मोदी जी अब बताएँगे कि मध्यप्रदेश सरकार गिराने में उनका हाथ था?

दिग्विजय सिंह

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। भले ही शिवराज सरकार (Shivraj Government) की सत्ता में वापसी को 9 महिने पूरे हो चुके है, लेकिन 15 साल का वनवास काट 15 महिनों में ही सत्ता से बाहर हुई कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Government) की अबतक चर्चा बनी हुई है। यही कारण है कि कैलाश विजयवर्गीय के बयान ‘कमलनाथ की सरकार गिराने में पीएम नरेंद्र मोदी की भूमिका’ से सियासी गलियारों मे खलबली मची हुई है।अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी से ही जवाब मांगा है।

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने ट्वीट कर सीधे पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) से इसका जवाब मांग लिया है। दिग्विजय ने ट्वीट (Tweet) कर लिखा है कि क्या मोदी जी अब बताएँगे कि मध्यप्रदेश सरकार गिराने में उनका हाथ था? क्या मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की सरकार गिराने के लिए कोरोना के लॉकडाउन(Lockdown) करने में विलंब किया? यह बहुत ही गंभीर आरोप हैं मोदी जी जवाब दें।

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दरअसल, हाल ही में इंदौर (Indore) में किसान सम्मेलन (Kisaan Sammelan) को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) मे कहा था कि मैं परदे के पीछे की बात कर रहा हूं। मैं यह बात पहली बार इस मंच से बता रहा हूं कि कमलनाथ की सरकार गिराने में यदि महत्वपूर्ण भूमिका किसी की थी, तो नरेन्द्र मोदी की थी, धर्मेंद्र प्रधान की नहीं थी। उनकी इस बात पर जब श्रोताओं ने ताली बजाते हुए ठहाके लगाए, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘…पर आप किसी को यह बात बताना मत। मैंने यह बात आज तक किसी को नहीं बताई है।

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खास बात ये है कि इस दौरान मंच पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Petroleum Minister Dharmendra Pradhan) भी मौजूद थे, जो विजयवर्गीय के पुराने दोस्त हैं।कैलाश के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है वही भोपाल (Bhopal) से दिल्ली (Delhi) तक कांग्रेस (Congress) हमलावर है। हालांकि बीजेपी (BJP) इसे सिर्फ  हास-परिहास का नाम दे रही है, खुद कैलाश भी कह चुके है कि ये बात उन्होंने हल्के-फुल्के मजकिया लहजे में कही थी, बावजूद इसके बयान ने सियासत गरमा दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कैलाश का यह बयान आगे क्या मोड लेता है।