जबलपुर मेडिकल कॉलेज में अन्य जिलों के डॉक्टर देंगे सेवा, जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के चलते लिया निर्णय

जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से जबलपुर मेडिकल कॉलेज की बिगड़ती व्यवस्था को संभालने के लिए दूसरे जिलों से डॉक्टरों को बुलाया जाएगा।

जबलपुर, संदीप कुमार। अपनी मांगों को लेकर सोमवार से हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टरों (Junior Doctors) को सबक सिखाने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र मेडिकल कॉलेज (Netaji Subhash Chandra Medical College) अब दूसरे जिलों से डॉक्टरों की सेवाएं लेगा। जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों से बात कर डॉक्टरों को जबलपुर बुलाया जाएगा, यह कहना है मेडिकल कॉलेज डीन प्रदीप कसार का। जूडा की हड़ताल से काम प्रभावित होते देख सीनियर डॉक्टर और अन्य स्टाफ व्यवस्थाओं के साथ मेडिकल कॉलेज में मोर्चा संभाला जा रहा है।

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प्रदेशभर के साथ-साथ जबलपुर मेडिकल कॉलेज में पदस्थ जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर है। लिहाजा नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सभी जूनियर डॉक्टर्स ने कोविड-19 वार्ड और म्यूकर फंगस वार्ड में मंगलवार से सेवाएं देना बंद कर दिया है। जूनियर डॉक्टर्स की माने तो सरकार को उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि उनकी मांगों को पूरा कर दिया जाए। लेकिन सरकार ने इसको लेकर अपनी ओर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। यही वजह है कि जहां इमरजेंसी सहित जनरल ओपीडी में कार्य का बहिष्कार किया गया था तो वहीं कोविड-19 और ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों के वार्ड में सेवाओं का बहिष्कार किया गया है।

जूडा की हड़ताल से मरीज परेशान

जूनियर डॉक्टर्स के हड़ताल पर जाने से मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह से बेपटरी हो गई है। जिसका सीधा खामियाजा अस्पताल में भर्ती मरीज और पहुंचने वाले लोगों को उठाना पड़ रहा है। हालांकि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि मरीजों को परेशानी ना आए उसके लिए सीनियर डॉक्टर सीनियर रेजिडेंट जूनियर रेजिडेंट के साथ मेडिकल ऑफिसर को ड्यूटी में तैनात किया गया है। जिनकी संख्या लगभग 250 से अधिक है। इसके साथ ही और अधिक आवश्यकता होने पर जिला अस्पताल सहित आसपास के सभी अन्य डॉक्टर्स कि ड्यूटी भी हालात को देखते हुए लगाई जाएगी।

गौरतलब है कि सरकार और जूनियर डॉक्टर्स के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। ऐसे में जुड़ा ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई करती है तो वह प्रदेश भर में सामूहिक इस्तीफा देने से पीछे नहीं हटेंगे।